
Jharkhadn High Court: 12 अप्रैल की वह स्याह रात थी, जब तमाड़ के रड़गांव स्थित एक वीरान और अर्धनिर्मित नर्सिंग कॉलेज के कमरों में अजीब सी खामोशी के बीच फुसफुसाहट गूंज रही थी। बाहर से देखने पर लगता था कि इमारत वीरान पड़ी है, लेकिन अंदर 150 से अधिक युवक-युवतियां सिर झुकाए पन्नों पर लिखे सवालों के जवाब रटने में जुटे थे। अगली सुबह 13 अप्रैल को उत्पाद सिपाही भर्ती की परीक्षा थी और खाकी वर्दी का सपना लिए इन युवाओं को भरोसा दिलाया गया था कि यही पर्चा उन्हें नौकरी दिलाएगा। इसी बहुचर्चित मामले के मुख्य किरदारों में शामिल मुकेश कुमार उर्फ शेर सिंह को अब झारखंड हाई कोर्ट से नियमित जमानत मिल गई है।

ग्रामीणों को हुआ था नक्सलियों का शक
उस रात सन्नाटे में डूबे गांव के पास अचानक दर्जनों अनजान चेहरों की हलचल देख स्थानीय ग्रामीणों के कान खड़े हो गए थे। जंगल से सटे इलाके में इतनी बड़ी संख्या में संदिग्ध लोगों का जमावड़ा देख ग्रामीणों को लगा कि कहीं कोई नक्सली दस्ता या बड़ा आपराधिक गिरोह किसी बड़ी वारदात की साजिश तो नहीं रच रहा। इसी खौफ के बीच ग्रामीणों ने सीधे पुलिस को खबर कर दी। जब पुलिस की टीम ने दल-बल के साथ उस अधूरे अस्पताल को घेरा, तो अंदर का नजारा देखकर खुद खाकी भी दंग रह गई। वहां नक्सली नहीं, बल्कि परीक्षा पास कराने की गारंटी देने वाली एक अवैध सीक्रेट क्लास चल रही थी।

लाखों की डील और वर्दी का सौदा
पुलिस की उस रात की छापेमारी में मास्टरमाइंड और 7 महिलाओं समेत 152 अभ्यर्थियों को हिरासत में लिया गया था, जिसमें कुल 166 लोगों की गिरफ्तारी दिखाई गई थी। जांच की परतें खुलीं तो पता चला कि संगठित गिरोह ने हर अभ्यर्थी से 10 से 15 लाख रुपये का सौदा तय किया था। योजना के तहत तीन लाख रुपये परीक्षा से पहले और बाकी के 10 लाख रुपये अंतिम नियुक्ति पत्र मिलने के बाद वसूले जाने थे। मुकेश कुमार पर आरोप था कि वह इस पूरी पाठशाला के प्रबंधन और अभ्यर्थियों को उत्तर रटवाने की प्रक्रिया में सीधे तौर पर शामिल था।
केस डायरी पर खिंची अदालत की भौंहें
मामले में आरोपी मुकेश ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। अदालत में सुनवाई के दौरान पुलिस की सुस्ती भी चर्चा का विषय बनी रही। कोर्ट द्वारा बार-बार तमाड़ पुलिस से केस डायरी मांगी जा रही थी, लेकिन समय पर डायरी पेश न होने के चलते सुनवाई तीन बार टल गई। इस पर अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए अंतिम मौका दिया और डायरी तलब कराई। अंततः केस डायरी अदालत के समक्ष पेश की गई, जिसके बाद सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाई कोर्ट ने मुकेश कुमार उर्फ शेर सिंह की जमानत याचिका स्वीकार कर ली।


