
Health News: जल्दी भूख मिटानी हो तो नूडल्स, बर्गर या पिज्जा जैसे विकल्प आसानी से मिल जाते हैं. स्वाद और कम समय में तैयार होने के कारण लोग इन्हें बार-बार खाना पसंद करते हैं. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इन चीजों को रोज खाने से आपकी डाइट पर क्या असर पड़ता है? इंस्टेंट नूडल्स में सोडियम भी अधिक हो सकता है. ऐसे में इनका जरूरत से ज्यादा सेवन करने के बजाय खानपान में संतुलन बनाए रखना जरूरी है.

मैदा के बजाय साबुत अनाज को क्यों दी जाती है प्राथमिकता?
मैदा गेहूं को रिफाइन करके बनाया जाता है. इस प्रक्रिया में गेहूं की बाहरी परत और अंकुर का बड़ा हिस्सा अलग हो जाता है, जिससे फाइबर और कुछ पोषक तत्व कम हो जाते हैं. इसके मुकाबले साबुत अनाज में फाइबर और दूसरे पोषक तत्व अधिक मात्रा में मौजूद रहते हैं.

नूडल्स के अलावा सफेद ब्रेड, पिज्जा और कई तरह के बेकरी उत्पादों में भी मैदा का इस्तेमाल होता है. अगर डाइट में ऐसी चीजों की मात्रा ज्यादा है और फल, सब्जियां, दालें तथा साबुत अनाज कम हैं, तो शरीर को जरूरी पोषण पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल पाता.
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इंस्टेंट नूडल्स में छिपी हो सकती है ज्यादा मात्रा में नमक
इंस्टेंट नूडल्स को लेकर एक चिंता इनमें मौजूद सोडियम की मात्रा भी है. सोडियम का जरूरत से ज्यादा सेवन हाई ब्लड प्रेशर के जोखिम को बढ़ा सकता है.
इसलिए नूडल्स खरीदते समय पैकेट पर दी गई पोषण संबंधी जानकारी जरूर पढ़ें. मसाले का कम इस्तेमाल करना और दिनभर के भोजन में नमक की मात्रा पर ध्यान देना बेहतर विकल्प हो सकता है.

पेट की परेशानी को न करें नजरअंदाज
क्या आपकी डाइट में फाइबर वाली चीजें कम हैं? अगर ऐसा है, तो कब्ज जैसी समस्या होने की आशंका बढ़ सकती है. फाइबर पाचन तंत्र को सामान्य तरीके से काम करने में मदद करता है. मैदा से बनी चीजों में इसकी मात्रा कम होने के कारण संतुलित आहार लेना जरूरी है.

वजन बढ़ने के पीछे भी हो सकती है खानपान की भूमिका
मैदा से बनी चीजों का अधिक सेवन और शारीरिक गतिविधि की कमी मिलकर वजन बढ़ने का कारण बन सकते हैं. अगर भोजन से मिलने वाली कैलोरी शरीर की जरूरत से लगातार ज्यादा है, तो अतिरिक्त ऊर्जा शरीर में जमा होने लगती है.
इसके अलावा, केवल नूडल्स खाकर पेट भरने से भोजन में प्रोटीन, फाइबर और दूसरे जरूरी पोषक तत्वों की कमी रह सकती है. इसलिए खाने में विविधता बनाए रखना जरूरी है.
नूडल्स पसंद हैं तो इन बदलावों से बनाएं भोजन बेहतर
नूडल्स को पूरी तरह छोड़ना जरूरी नहीं है. जरूरत इस बात की है कि इन्हें रोज के मुख्य भोजन का विकल्प न बनाया जाए.
– नूडल्स में ताजी सब्जियां शामिल करें.
– प्रोटीन के लिए अंडा, पनीर या टोफू मिला सकते हैं.
– मसाला पैकेट का कम इस्तेमाल करें.
– डाइट में दाल, फल, सब्जियां और साबुत अनाज को जगह दें.
– पैकेट वाले खाद्य पदार्थ खरीदते समय सोडियम और पोषण संबंधी जानकारी पढ़ें.
निष्कर्ष: नूडल्स का स्वाद लेने में कोई परेशानी नहीं है, लेकिन इन्हें रोजाना खाने की आदत आपकी डाइट में पोषण का संतुलन बिगाड़ सकती है. बेहतर सेहत के लिए जरूरी है कि भोजन में फाइबर, प्रोटीन और अन्य पोषक तत्वों से भरपूर चीजें शामिल हों.


