
Hazaribagh: हजारीबाग जिले के चरही चौक पर केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल यानी CISF की NTPC CMP इकाई ने कोयला तस्करों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। 15 अक्टूबर की देर रात गुप्त सूत्रों से मिली पुख्ता सूचना के आधार पर CISF जवानों ने घेराबंदी करते हुए अवैध कोयले से लदे दो बड़े ट्रकों को मौके पर धर दबोचा। दोनों वाहनों में कुल मिलाकर लगभग 99.260 मीट्रिक टन कोयला लदा हुआ पाया गया। जब चालकों से कोयले से जुड़े वैध कागजात मांगे गए, तो वे कोई भी वैध दस्तावेज पेश नहीं कर सके, जिसके बाद दोनों ट्रकों को तुरंत जब्त कर लिया गया।



बादम परियोजना क्षेत्र से हो रहा था अवैध खनन
जांच पड़ताल में यह बात सामने आई है कि यह कोयला बड़कागांव थाना क्षेत्र में पड़ने वाले बादम कोयला खनन परियोजना क्षेत्र से अवैध रूप से खोदकर निकाला गया था और इसे बाहर खपाने की तैयारी थी। CISF ने मामले की गंभीरता को देखते हुए MMDR कानून की संबंधित धाराओं के तहत जरूरी कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके साथ ही CISF इकाई ने कोयला तस्करी में लिप्त माफियाओं को सख्त लहजे में संदेश दिया है कि अवैध खनन और बिना कागजात के कोयला ढुलाई के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा तथा नियम तोड़ने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

स्थानीय पुलिस और खनन महकमे पर उठे गंभीर सवाल
बड़कागांव क्षेत्र में CISF की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई के बाद स्थानीय पुलिस, वन विभाग और खनन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। स्थानीय ग्रामीणों और इलाके में कोयला खनन का काम कर रही अधिकृत कंपनियों के प्रतिनिधियों का कहना है कि जब स्थानीय पुलिस रोजाना अवैध खनन और परिवहन पर लगाम लगाने के बड़े-बड़े दावे करती है, तो फिर इतनी भारी मात्रा में अवैध कोयला रास्तों पर कैसे दौड़ रहा है। लोगों का साफ आरोप है कि स्थानीय प्रशासन की कार्रवाई केवल दिखावे तक सीमित है, जिसके चलते क्षेत्र में कोयला माफियाओं का यह काला कारोबार बेधड़क फल फूल रहा है।


