
Dumka: सिदो कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय (SKMU) दुमका में छात्रों की समस्याओं और परीक्षा विभाग में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) का अनिश्चितकालीन अनशन शुक्रवार को चौथे दिन भी जारी रहा। आंदोलन कर रहे छात्रों का आरोप है कि चार दिन बीत जाने के बाद भी जिला प्रशासन और विश्वविद्यालय प्रबंधन की ओर से उनकी सुध लेने कोई जिम्मेदार अधिकारी नहीं पहुंचा है। इस बीच स्वास्थ्य विभाग की एक मेडिकल टीम ने मौके पर पहुंचकर धरने पर बैठे छात्रों के स्वास्थ्य की जांच की। जांच के दौरान डॉक्टरों ने पाया कि लगातार भूखे रहने के कारण अनशनकारी छात्रों का ब्लड प्रेशर तेजी से नीचे गिर रहा है, जिससे उनकी तबीयत बिगड़ने का खतरा बढ़ गया है।

परीक्षा नियंत्रक को हटाने और NCCF की जांच पर अड़े छात्र
आंदोलन की अगुवाई कर रहे ABVP कार्यकर्ता मनीष ने कहा कि विद्यार्थी परिषद हमेशा से छात्रहितों और उनके अधिकारों की लड़ाई अग्रिम पंक्ति में रहकर लड़ती रही है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जब तक प्रभारी परीक्षा नियंत्रक को पद से हटाया नहीं जाता और छात्रों की सभी जायज मांगों का समाधान नहीं होता, तब तक यह भूख हड़ताल किसी भी सूरत में समाप्त नहीं होगी। छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की है कि परीक्षा विभाग से जुड़ी सभी शिकायतों का तत्काल निपटारा किया जाए। साथ ही NCCF से जुड़े पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए और जरूरत पड़ने पर संबंधित एजेंसी को ब्लैकलिस्ट किया जाए।

विश्वविद्यालय में तालाबंदी और पूरे संथाल परगना में आंदोलन की चेतावनी
प्रदर्शनकारी छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन को कड़े शब्दों में चेताया है कि यदि समय रहते उनकी मांगों पर कोई सकारात्मक और ठोस फैसला नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा। परिषद ने चेतावनी दी है कि अगले चरण में पूरे विश्वविद्यालय परिसर में तालाबंदी की जाएगी। जरूरत पड़ने पर इस आंदोलन की चिंगारी को पूरे संथाल परगना प्रमंडल के सभी कॉलेजों और छात्रों के बीच ले जाया जाएगा। छात्र नेताओं का कहना है कि अगर हालात बिगड़ते हैं और छात्रों के स्वास्थ्य को कोई नुकसान पहुंचता है, तो इसकी पूरी और सीधी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन


