
Imran Khan: बॉलीवुड एक्टर इमरान खान की मुश्किलें अचानक बढ़ गई हैं और उनके सामने देश छोड़ने का संकट खड़ा हो गया है। मुंबई में हाल ही में एक विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के बाद विदेशी नागरिकों के रजिस्ट्रेशन से जुड़े आधिकारिक विभाग (FRRO) ने इमरान खान को ‘लीव इंडिया नोटिस’ थमा दिया है। अमेरिकी नागरिकता रखने वाले और OCI (ओवरसीज सिटिजन ऑफ इंडिया) कार्डधारक इमरान खान को 10 अक्टूबर को मुंबई पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान कुछ देर के लिए हिरासत में भी लिया था। अब FRRO ने उन पर इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट 2025 के नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए 28 अक्टूबर 2026 तक देश छोड़ने का सख्त फरमान सुनाया है।

28 अक्टूबर तक देश छोड़ने का अल्टीमेटम, राहत के लिए बॉम्बे HC पहुंचेगी लीगल टीम
FRRO के इस कड़े आदेश के सामने घुटने टेकने के बजाय इमरान खान ने कानूनी रास्ता अपनाने का फैसला किया है। उनकी कानूनी टीम ने साफ कर दिया है कि वे 16 अक्टूबर को इस नोटिस के खिलाफ बॉम्बे HC में याचिका दाखिल करेंगे। एक्टर के वकील जुल्फिकार मेमन, परवेज मेमन और चिराग नाइक ने बताया कि हाईकोर्ट से इस मामले पर तत्काल सुनवाई की अपील की जाएगी। संभावना जताई जा रही है कि इस याचिका पर बॉम्बे हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश महेश चंद्र त्रिपाठी और न्यायमूर्ति अद्वैत सेठना की खंडपीठ के सामने सुनवाई होगी, जहां एक्टर को राहत दिलाने के लिए जोरदार बहस देखने को मिलेगी।

FRRO के नोटिस को बताया गैरकानूनी, OCI कार्डधारकों के अधिकारों का दिया हवाला
इमरान खान की डिफेंस टीम ने सरकारी नोटिस पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए इसे पूरी तरह गैरकानूनी करार दिया है। वकीलों की दलील है कि नोटिस में साफ तौर पर यह नहीं बताया गया है कि इमरान खान ने इमिग्रेशन एक्ट के किस तय प्रावधान का उल्लंघन किया है। इसके अलावा वकीलों का कहना है कि इमरान एक OCI कार्डधारक हैं और ऐसे दर्जे वाले नागरिकों के अधिकारों या वीजा स्टेटस को रद्द करने की एक स्पष्ट कानूनी प्रक्रिया होती है, जिसमें गृह मंत्रालय की भूमिका और निष्पक्ष सुनवाई अनिवार्य है। वकीलों के अनुसार बुनियादी कानूनी पहलुओं को नजरअंदाज कर सीधे देश छोड़ने का आदेश थमाना नियमों के खिलाफ है।
प्रोटेस्ट से शुरू हुआ विवाद अब कानूनी जंग में तब्दील, सबकी निगाहें अदालत पर
FRRO के आदेश में इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट 2025 की धारा 7(2)(c) और धारा 29 का हवाला देते हुए साफ चेतावनी दी गई है कि यदि 28 अक्टूबर तक आदेश का पालन नहीं हुआ, तो कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। सड़कों पर हुए एक शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन से शुरू हुआ यह पूरा मामला अब बॉम्बे हाईकोर्ट के पाले में पहुंच चुका है। अब हर किसी की नजर 16 अक्टूबर को होने वाली अदालती कार्यवाही पर टिकी है कि क्या हाईकोर्ट इमरान खान को देश छोड़ने के इस नोटिस से फौरी राहत देता है या फिर उन्हें भारत छोड़ना पड़ेगा।


