
Koderma: कोडरमा जिले के प्रमुख तिलैया-गझंडी मार्ग पर स्क्रैप (कबाड़) लदे भारी वाहनों के आवागमन और उनसे जुड़े कथित अवैध लेन-देन का मामला अचानक गरमा गया है। स्थानीय निवासियों और राहगीरों के अनुसार, इस मार्ग से गुजरने वाले स्क्रैप लदे ट्रकों और अन्य कमर्शियल वाहनों से लंबे समय से कथित रूप से अवैध वसूली की जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय लोगों ने झुमरी तिलैया नगर परिषद के अध्यक्ष रमेश हर्षधर से औपचारिक शिकायत कर पूरे मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है।

रोजाना लाखों रुपये के कथित लेन-देन का गंभीर आरोप
नगर परिषद अध्यक्ष को सौंपे गए शिकायती पत्र में आरोप लगाया गया है कि तिलैया-गझंडी रोड पर स्क्रैप माफिया और बिचौलियों का नेटवर्क सक्रिय है, जो वाहनों से कथित तौर पर रोजाना लाखों रुपये की अवैध उगाही कर रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सिलसिला कोई नया नहीं है, बल्कि लंबे समय से बिना किसी रोक-टोक के धड़ल्ले से चल रहा है। इस कथित वसूली के कारण न सिर्फ सरकार के राजस्व को चपत लग रही है, बल्कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

जांच और प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी निगाहें
स्थानीय लोगों द्वारा सीधे नगर परिषद अध्यक्ष के संज्ञान में मामला लाए जाने के बाद प्रशासनिक महकमे में हलचल तेज हो गई है। हालांकि, लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और इस कथित खेल के पीछे किन लोगों का हाथ है, यह किसी निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच के बाद ही साफ हो सकेगा।
क्षेत्र के लोगों का कहना है कि क्या जिला और पुलिस प्रशासन इस मार्ग पर स्क्रैप लदे वाहनों के वैध कागजात, ई-वे बिल और कथित अवैध नाकों की पड़ताल करेगा? फिलहाल गेंद प्रशासन के पाले में है और देखना होगा कि इस कथित अवैध वसूली नेटवर्क पर लगाम लगाने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।


