
अरवल: जिले के करपी प्रखंड अंतर्गत शिवनगर नवोदय छात्रावास में छात्रों के बीच मारपीट और रोड़ेबाजी का मामला सामने आया है। 28 सितंबर की शाम और 29 सितंबर की सुबह सातवीं, आठवीं और नौवीं कक्षा के छात्रों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि छात्रावास परिसर में ही छात्रों के दो पक्षों के बीच मारपीट और रोड़ेबाजी शुरू हो गई।

घटना में एक दर्जन से अधिक छात्रों के घायल होने की बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि कई छात्रों के सिर में चोट लगी है, जबकि कुछ छात्रों के हाथ में भी चोट आने की सूचना है।

छात्रावास परिसर में जमकर हुई रोड़ेबाजी
जानकारी के अनुसार, विवाद की शुरुआत छात्रों के बीच किसी बात को लेकर हुई थी। बाद में मामला बढ़ने पर छात्रावास परिसर में ही रोड़ेबाजी शुरू हो गई। घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय थाना पुलिस के साथ प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी और छात्रों के अभिभावक छात्रावास पहुंचे। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर छात्रों और विद्यालय प्रशासन से घटना की जानकारी ली। इसके बाद संबंधित छात्रों की काउंसलिंग भी कराई गई।
छात्रों को छात्रावास से किया गया प्रतिबंधित
अधिकारियों के अनुसार, घटना में शामिल छात्रों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें छात्रावास से प्रतिबंधित किया गया है। हालांकि, उन्हें विद्यालय में पढ़ाई करने की अनुमति रहेगी। छात्रों को केवल छात्रावास में रहने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
अधिकारियों ने विद्यालय के प्राचार्य, प्रधानाध्यापक और छात्रावास प्रशासन को सख्त निर्देश दिए हैं कि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो। अधिकारियों ने कहा कि बच्चों के हाथों में किताब-कॉपी और कलम होनी चाहिए, न कि लाठी-डंडे और पत्थर।
अभिभावकों ने निष्पक्ष जांच की मांग की
घटना के बाद अभिभावकों में भी नाराजगी है। अभिभावकों ने जिला पदाधिकारी को आवेदन देकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग करने की बात कही है। अभिभावकों का आरोप है कि छात्रावास में समय-समय पर इस तरह की घटनाएं सामने आती रहती हैं। उनका कहना है कि इससे बच्चों के बीच भय और असुरक्षा का माहौल बन रहा है।
अभिभावकों ने चेतावनी दी है कि यदि जिला प्रशासन की ओर से मामले में ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो वे आंदोलनात्मक कदम उठाने को मजबूर होंगे। फिलहाल प्रशासन की ओर से मामले की जांच और छात्रों की काउंसलिंग की जा रही है।
(निशांत मिश्रा की रिपोर्ट)


