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2.20 करोड़ के इनामी वांटेड माओवादी असीम मंडल ने बंगाल में किया सरेंडर

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पुलिस मुख्यालय ने भी उसके आत्मसमर्पण की पुष्टि की है। उस पर झारखंड सरकार ने 1 करोड़ और ओडिशा सरकार ने 1.20 करोड़ रुपये का इनाम घोषित कर रखा था।

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असीम मंडल पश्चिम बंगाल के पश्चिम मेदिनीपुर जिले के चंद्रकोना थाना क्षेत्र के उत्तर फुलचुक गांव का रहने वाला बताया जाता है। वह संगठन में आकाश, तिमिर, मनोज, दीपक और राकेश जैसे नामों से भी जाना जाता रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक, वह लंबे समय तक झारखंड के कोल्हान और सारंडा के जंगलों में माओवादी गतिविधियों से जुड़ा रहा।

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तीन राज्यों में करीब 55 मामलों का रिकॉर्ड

सुरक्षा एजेंसियों के रिकॉर्ड के अनुसार, असीम मंडल के खिलाफ झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में करीब 55 मामले दर्ज हैं। इनमें सुरक्षाबलों पर हमले और मुठभेड़ से जुड़े कई मामले शामिल बताए जाते हैं।

मार्च 2026 में पश्चिमी सिंहभूम के छोटानागरा थाना क्षेत्र के मारंगपोंगा में सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच मुठभेड़ हुई थी। रिपोर्टों के मुताबिक, इस मुठभेड़ में 209 कोबरा बटालियन के एक अधिकारी समेत दो सुरक्षाकर्मी घायल हुए थे।

असीम मंडल के दस्ते से जुड़ी अन्य मुठभेड़ों और हमलों में भी सुरक्षाकर्मियों के हताहत होने की घटनाएं दर्ज होने की बात सामने आई है। हालांकि, अलग-अलग मामलों में उसकी व्यक्तिगत भूमिका और आरोपों का अंतिम निर्धारण संबंधित जांच और न्यायिक प्रक्रिया का विषय है।

लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर था

रिपोर्टों के मुताबिक, असीम मंडल दशकों से माओवादी संगठन से जुड़ा रहा है। 2011 में माओवादी नेता किशनजी के मारे जाने के बाद उसे पश्चिम बंगाल में संगठन की जिम्मेदारी मिलने की बात भी सामने आई है। बाद में वह झारखंड के सारंडा क्षेत्र में सक्रिय रहा।

हाल के महीनों में सारंडा और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बलों का दबाव बढ़ने के साथ उसके दस्ते से जुड़े कई सदस्यों के आत्मसमर्पण की खबरें भी सामने आई थीं। इसके बाद असीम मंडल पर भी सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी बढ़ी थी।

अब नेटवर्क और हथियारों को लेकर होगी पूछताछ

आत्मसमर्पण के बाद सुरक्षा एजेंसियां असीम मंडल से संगठन के नेटवर्क, ठिकानों, गतिविधियों और हथियारों से जुड़ी जानकारी जुटा सकती हैं। एजेंसियों की नजर खास तौर पर सारंडा और आसपास के जंगलों में संभावित हथियार, कारतूस और विस्फोटक के ठिकानों पर रहेगी।

असीम मंडल से पूछताछ के जरिए संगठन की मौजूदा संरचना और उसके संपर्कों से जुड़ी जानकारी मिलने की भी उम्मीद जताई जा रही है। आगे की कार्रवाई जांच एजेंसियों की पूछताछ और सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर होगी।

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