
औरंगाबाद: मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन नार्कोस के तहत रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने औरंगाबाद के नबीनगर रेलवे स्टेशन पर बड़ी कार्रवाई की है। RPF पोस्ट नबीनगर और अपराध आसूचना शाखा (CIB) गया की संयुक्त टीम ने एक ट्रेन के कोच से करीब 32 किलो गांजा बरामद किया है। बरामद मादक पदार्थ की अनुमानित कीमत करीब 15.94 लाख रुपये बताई गई है।

कार्रवाई के दौरान गांजा चार लावारिस बैग में रखा मिला। मामले में राजकीय रेल थाना सोननगर में अज्ञात तस्करों के खिलाफ NDPS Act की संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया गया है।

मुखबिर की सूचना पर ट्रेन में हुई तलाशी
RPF के अनुसार, 24 सितंबर 2026 को सूचना मिली थी कि 18523 अप विशाखापट्टनम-बनारस एक्सप्रेस से भारी मात्रा में गांजा ले जाया जा रहा है। सूचना के आधार पर अधिकारियों के निर्देश पर RPF नबीनगर और CIB गया की संयुक्त टीम बनाई गई।
टीम ने सुबह करीब 5:56 बजे ट्रेन के नबीनगर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 2 पर पहुंचने के बाद कोच संख्या S2 की तलाशी शुरू की। इसी दौरान कोच में चार बैग लावारिस हालत में पड़े मिले।
इनमें एक हल्के हरे रंग का ट्रॉली बैग, एक नीले रंग का ट्रॉली बैग, एक भूरे-पीले रंग का बैग और एक रंगीन झोला शामिल था। बैगों के अंदर सेलो टेप से लिपटे पैकेट मिले, जिनमें गांजा जैसा पदार्थ होने की आशंका थी।
21 पैकेट में मिला 31.892 किलो मादक पदार्थ
ट्रेन के रवाना होने का समय होने के कारण RPF टीम ने सभी बैग प्लेटफॉर्म पर उतार लिए और मामले की जानकारी संबंधित रेल थाना सोननगर तथा राजपत्रित अधिकारी को दी।
इसके बाद नबीनगर के अंचलाधिकारी परीक्षित कुमार की मौजूदगी में वीडियोग्राफी कराते हुए बैगों की विधिवत तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान चारों बैगों से कुल 21 पैकेट बरामद हुए। RPF के मुताबिक, बरामद पदार्थ का कुल वजन 31.892 किलोग्राम है। इसकी अनुमानित बाजार कीमत 15,94,600 रुपये, यानी करीब 16 लाख रुपये आंकी गई है।
अज्ञात तस्करों के खिलाफ केस दर्ज
RPF निरीक्षक राम विलास राम ने बरामद मादक पदार्थ की जब्ती सूची तैयार कर उसे लिखित शिकायत के साथ आगे की कार्रवाई के लिए राजकीय रेल थाना सोननगर को सौंप दिया।
शिकायत के आधार पर राजकीय रेल थाना सोननगर में कांड संख्या 48/26 दर्ज किया गया है। पुलिस ने NDPS Act की धारा 8/20(b)(ii)(c) के तहत अज्ञात तस्करों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
फिलहाल पुलिस और संबंधित एजेंसियां बरामद गांजे के स्रोत और इसे ट्रेन के जरिए ले जाने वाले लोगों की पहचान में जुटी हैं। लावारिस बैग किसके थे और तस्करी के पीछे कौन लोग शामिल हैं, इसका पता जांच के बाद ही चलेगा।
(विकाश चंदन की रिपोर्ट)


