
Dumka: उपराजधानी दुमका के प्रसिद्ध सेल्फी ब्रिज पर शनिवार को सियासत का एक अनोखा और दिलचस्प रंग देखने को मिला। मध्य प्रदेश से दुमका पहुंचे युवा सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स की टीम के साथ भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी सेल्फी ब्रिज का दीदार करने पहुंचे थे। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य टीम को दुमका की प्राकृतिक सुंदरता, स्थानीय संस्कृति और पर्यटन स्थलों से रूबरू कराना था। हालांकि, ब्रिज पर पहुंचते ही बाबूलाल मरांडी का अंदाज पूरी तरह बदल गया और वे सीधे एक झालमुरी के ठेले पर पहुंच गए।

खुद ठेले पर खड़े होकर बनाई झालमुरी, युवाओं को परोसी
ब्रिज पर चहलकदमी के दौरान बाबूलाल मरांडी ने ठेले वाले से सामग्री ली और खुद अपने हाथों से झालमुरी तैयार करने लगे। उन्होंने बड़े चाव से झालमुरी बनाकर मध्य प्रदेश से आई इन्फ्लुएंसर्स की पूरी टीम और साथ चल रहे युवाओं को अपने हाथों से खिलाई। पूर्व मुख्यमंत्री के इस सादगी भरे और अनूठे अंदाज को देखकर वहां मौजूद लोग और पर्यटक हैरान रह गए।

‘झालमुरी कनेक्शन’ पर मीडिया का सवाल, बाबूलाल का हेमंत सरकार पर तंज
इसी बीच मौके पर मौजूद मीडियाकर्मियों ने बाबूलाल मरांडी से सियासी चटखारे वाला सवाल दाग दिया। पत्रकारों ने पूछा कि पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी झालमुरी बनाई थी और उसके बाद वहां राजनीतिक समीकरण काफी बदले थे, तो क्या आज आपके सेल्फी ब्रिज पर झालमुरी बनाने को भी झारखंड की सियासत में किसी बड़े बदलाव का संकेत माना जाए?
यह तीखा सवाल सुनते ही बाबूलाल मरांडी मुस्कुराए और उन्होंने राज्य की हेमंत सोरेन सरकार पर करारा सियासी हमला बोल दिया। बाबूलाल मरांडी ने दो टूक शब्दों में कहा, “मैं पूरे विश्वास के साथ कह सकता हूं कि जब भी समय आएगा और जनता को मौका मिलेगा, राज्य की जनता इस हेमंत सरकार को सत्ता से विदा कर देगी।”
सियासी गलियारों में चर्चा तेज
सेल्फी ब्रिज पर युवाओं ने जहां बाबूलाल मरांडी के हाथों बनी तीखी-चटपटी झालमुरी का लुत्फ उठाया, वहीं उनके तीखे राजनीतिक बयान ने झारखंड के सियासी पारे को गरमा दिया है। अब देखना यह होगा कि बाबूलाल मरांडी का यह ‘झालमुरी कनेक्शन’ और हेमंत सरकार की विदाई का दावा आगामी दिनों में राज्य की सियासत में क्या नया मोड़ लाता है।


