
Ranchi: रांची के बहुचर्चित बड़गांई लैंड स्कैम (8.86 एकड़) मामले में आर्किटेक्ट विनोद कुमार सिंह की ओर से दायर याचिका पर झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई पूरी हो गई है। न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद की अदालत ने दोनों पक्षों की विस्तृत दलीलें सुनने के बाद इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।

निचली अदालत के फैसले को दी गई थी चुनौती
उल्लेखनीय है कि PMLA की विशेष अदालत ने आर्किटेक्ट विनोद कुमार सिंह द्वारा दाखिल डिस्चार्ज पिटीशन को खारिज कर दिया था और उनके खिलाफ आरोप गठित कर दिए थे। PMLA कोर्ट के इसी फैसले को चुनौती देते हुए विनोद कुमार सिंह ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। अदालत में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से वरीय अधिवक्ता अमित कुमार दास और अधिवक्ता सौरव कुमार ने पक्ष रखते हुए याचिका का विरोध किया।

मामले में 17 आरोपियों पर तय हो चुके हैं आरोप
बड़गांई जमीन फर्जीवाड़े के इस मामले में ईडी ने जांच पूरी करते हुए आरोपियों के खिलाफ PMLA कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। निचली अदालत में पूर्व में जेएमएम नेता अंतू तिर्की समेत 17 आरोपियों के खिलाफ आरोप गठित हो चुके हैं।
इन आरोपियों पर चल रहा है केस
बड़गांई लैंड स्कैम मामले में राजस्वकर्मी भानु प्रसाद प्रताप, अंतू तिर्की, बिजेंद्र सिंह, बिपिन सिंह, प्रियरंजन सहाय, मनोज कुमार यादव, कुमार राजश्री, राजकुमार पाहन, संजीत कुमार, विनोद कुमार सिंह, शेखर कुशवाहा, तापस घोष, मोहम्मद इरसाद अख्तर, अफसर अली, मोहम्मद सद्दाम हुसैन और मोहम्मद इरसाद मुख्य रूप से आरोपी हैं। ईडी इस पूरे मामले में टेरर फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग के तहत कई बार छापेमारी कर चुकी है।


