
Chaibasa: पश्चिमी सिंहभूम जिले के झींकपानी स्थित ऐतिहासिक ACC सीमेंट कंपनी को बंद होने से बचाने और मजदूरों के पलायन को रोकने के लिए बड़ा आंदोलन शुरू हो गया है। अपनी मांगों को लेकर मजदूरों ने 48 घंटे का भूख हड़ताल सह धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है।

अडानी समूह पर लगाए गंभीर आरोप
धरना स्थल पर बोलते हुए मजदूर नेता जॉन मिरन मुंडा ने कहा कि वे इस ऐतिहासिक ACC कंपनी को बचाने और यहाँ के मजदूरों को बेरोजगार होकर पलायन करने से रोकने के लिए ही अनशन पर बैठे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जब से अडानी समूह ने ACC कंपनी की कमान सँभाली है, तब से यह चालू कारखाना बर्बादी की ओर चला गया है। मजदूरों को ज़बरदस्ती VRS लेने पर मजबूर किया जा रहा है और ठेका मजदूरों को एक रुपये का भी बकाया भुगतान नहीं मिला है।

ऐतिहासिक कारखाने पर बंद होने का खतरा
मजदूर नेता ने दुख जताते हुए कहा कि झारखंड बनने के बाद यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि जो चलता हुआ कारखाना क्षेत्र में रोज़गार, खुशहाली और विकास की पहचान था, आज वह बंद होने के मोड़ पर आ गया है। उन्होंने इसके लिए झारखंड सरकार की नीतियों को पूरी तरह नाकाम बताया। उन्होंने याद दिलाया कि यह वही ऐतिहासिक कारखाना है, जिसने झींकपानी में स्थापित होने के बाद देशभर में लगभग 22 नए कारखानों को खड़ा करने में मदद की थी, लेकिन आज इसे बचाने कोई आगे नहीं आ रहा।
पूरे कोल्हान में रथ यात्रा की चेतावनी
मजदूरों ने साफ चेतावनी दी है कि इस ऐतिहासिक कारखाने को बचाने और अडानी समूह की गलत नीतियों के विरोध में चुप नहीं बैठा जाएगा। आने वाले दिनों में अपनी आवाज़ बुलंद करने के लिए पूरे कोल्हान इलाके में रथ यात्रा निकाली जाएगी और इस आंदोलन को और उग्र बनाया जाएगा।


