
छपरा (सारण): जनसमस्याओं के समाधान की मांग को लेकर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन यानी भाकपा-माले की ओर से 30 सितंबर 2026 को छपरा सदर प्रखंड मुख्यालय पर एक दिवसीय धरना दिया गया। प्रदर्शन के बाद पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) सह अंचल पदाधिकारी (CO) को 7 सूत्री मांग पत्र सौंपा।

धरना के माध्यम से भूमिहीन गरीबों के लिए आवासीय जमीन, राशन कार्ड, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, आवास योजना, मतदाता सूची, सड़क और गांव के बुनियादी विकास से जुड़ी मांगें प्रशासन के सामने रखी गईं।

भूमिहीन गरीबों को 5 डिसमिल जमीन देने की मांग
भाकपा-माले ने सभी भूमिहीन गरीब परिवारों को 5 डिसमिल जमीन देने और जहां गरीब परिवार लंबे समय से बसे हुए हैं, वहां उन्हें तत्काल वासगीत पर्चा देने की मांग की। पार्टी ने कहा कि भूमिहीन परिवारों के आवास और भूमि से जुड़े मामलों का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाना चाहिए।
धरना के दौरान राशन कार्ड से वंचित या सूची से हटाए गए गरीबों के नाम दोबारा जोड़ने की मांग की गई। साथ ही निर्धारित मात्रा और समय पर राशन वितरण सुनिश्चित करने की बात कही गई।
सामाजिक सुरक्षा पेंशन को लेकर पार्टी ने वृद्ध, विधवा और दिव्यांग लाभार्थियों को योजना से जोड़ने तथा नियमित भुगतान की मांग रखी। इसके अलावा पेंशन की राशि बढ़ाकर 3,000 रुपये प्रतिमाह करने की मांग की गई।
गरीब परिवारों को आवास देने की मांग
भाकपा-माले ने प्रधानमंत्री आवास योजना से वंचित सभी गरीब परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराने की मांग भी रखी। वहीं मतदाता सूची में नाम कटने या छूटने के आरोपों की जांच कर पात्र लोगों के नाम दोबारा जोड़ने की मांग की गई।
छपरा सदर प्रखंड के खलपुरा, मेहिया, रौजा पोखरा सहित विभिन्न गरीब मोहल्लों में पक्की सड़क निर्माण की मांग की गई। पार्टी नेताओं का कहना है कि खराब सड़कों के कारण मरीजों, बुजुर्गों, स्कूली बच्चों और आम लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है।
मला गांव के पोखर के सौंदर्यीकरण की मांग
मला गांव स्थित पोखर के सौंदर्यीकरण और जीर्णोद्धार की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही। इसके साथ ही छठ घाट, नाला और पक्की सड़क का निर्माण कराने की मांग की गई।
आइसा जिला अध्यक्ष कुणाल कौशिक ने गांव की सड़क और ऐतिहासिक पोखर की स्थिति का मुद्दा उठाया। उनके अनुसार, सड़क की खराब स्थिति के कारण ग्रामीणों को परेशानी होती है और बारिश के दौरान स्थिति और खराब हो जाती है। उन्होंने पोखर में जमा गाद हटाने, साफ-सफाई कराने और उसे जल संरक्षण के उपयोगी स्रोत के रूप में विकसित करने की मांग की।
मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन की चेतावनी
भाकपा-माले के सारण जिला सचिव हँसनाथ राम ने सरकार और स्थानीय प्रशासन पर गरीबों की बुनियादी समस्याओं की अनदेखी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यदि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो पार्टी गरीबों, मजदूरों और युवाओं को लेकर आंदोलन तेज करेगी।
वहीं आइसा जिला अध्यक्ष कुणाल कौशिक ने भी प्रशासन से सड़क और पोखर से जुड़ी समस्याओं पर तत्काल कार्रवाई की मांग की। उन्होंने मांगों का समाधान नहीं होने पर चरणबद्ध आंदोलन और धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी।


