
भोजपुर: राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) के तहत भोजपुर जिले में चिन्हित कटे होंठ और कटे तालु से पीड़ित 16 बच्चों के इलाज की प्रक्रिया शुरू हो गई है। मंगलवार को इन बच्चों को बेहतर चिकित्सा सुविधा के लिए आरा सदर अस्पताल परिसर से सरकारी 102 एंबुलेंस के माध्यम से पटना एम्स भेजा गया। बच्चों की प्राथमिक स्क्रीनिंग और आवश्यक जांच के बाद चिकित्सकीय सलाह के अनुसार ऑपरेशन कराया जाएगा। इलाज और ऑपरेशन से जुड़ा पूरा खर्च सरकार की ओर से वहन किया जाएगा।

मोबाइल हेल्थ टीमों ने स्क्रीनिंग के बाद बच्चों को किया चिन्हित
आरबीएसके की मोबाइल हेल्थ टीमों ने जिले के अलग-अलग प्रखंडों में आंगनबाड़ी केंद्रों और स्कूलों में बच्चों की स्क्रीनिंग की थी। इसी दौरान कटे होंठ और कटे तालु की समस्या वाले बच्चों को चिन्हित किया गया। जांच के बाद 16 बच्चों को आगे के उपचार के लिए पटना एम्स भेजने की प्रक्रिया पूरी की गई।

बच्चों को पटना रवाना करते समय भोजपुर के सिविल सर्जन डॉ. शिवेंद्र कुमार सिन्हा, डीपीएम डॉ. रवि रंजन, जिला आरबीएसके कोऑर्डिनेटर डॉ. राधिका रंजन और 102 एंबुलेंस सेवा के प्रतिनिधि सीएल राजेश ओझा समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
डॉक्टरों की निगरानी में होगा इलाज
बच्चों के साथ बिहिया प्रखंड के डॉ. प्रभात और बड़हरा प्रखंड की डॉ. ज्योति भी पटना एम्स जाएंगी। दोनों चिकित्सक बच्चों के साथ रहकर जांच, इलाज और ऑपरेशन की प्रक्रिया में आवश्यक सहयोग करेंगे।
सिविल सर्जन डॉ. शिवेंद्र कुमार सिन्हा ने बताया कि जिले में आरबीएसके की टीमें लगातार सक्रिय हैं। मोबाइल हेल्थ टीमों के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों और स्कूलों में बच्चों की नियमित स्वास्थ्य जांच की जाती है। चिन्हित बच्चों को आवश्यकता के अनुसार उच्च चिकित्सा संस्थानों में इलाज के लिए भेजा जाता है।
इस पहल से कटे होंठ और कटे तालु की समस्या से जूझ रहे बच्चों को विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा मिलने की उम्मीद है। सरकार की ओर से इलाज का खर्च उठाए जाने से संबंधित परिवारों पर आर्थिक बोझ भी नहीं पड़ेगा।


