
पटना: बिहार में अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था मजबूत करने के लिए पुलिस अब जिले से लेकर थाने तक सक्रिय अपराधियों का डेटा तैयार करेगी। बार-बार अपराध करने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ अपराध नियंत्रण अधिनियम (CCA) के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने संकल्प सभागार में आयोजित बैठक के दौरान अधिकारियों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून से खिलवाड़ करने वाले आपराधिक तत्वों के खिलाफ सख्ती बरती जाए।

डायल-112 का रिस्पॉन्स टाइम घटाने पर जोर
आपात स्थिति में लोगों तक जल्द मदद पहुंचाने के लिए डायल-112 सेवा को और प्रभावी बनाने का निर्देश दिया गया है। अधिकारियों से कहा गया है कि किसी घटना या शिकायत की सूचना मिलते ही पुलिस टीम कम से कम समय में मौके पर पहुंचे। इसका उद्देश्य आपात परिस्थितियों में लोगों को त्वरित सहायता और सुरक्षा उपलब्ध कराना है।
सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई
सोशल मीडिया और इंटरनेट के जरिए अफवाह फैलाने या सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों पर भी पुलिस की नजर रहेगी। बैठक में डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रसारित होने वाले संदेशों की निगरानी और भ्रामक सामग्री के खिलाफ समय रहते कानूनी कार्रवाई करने पर जोर दिया गया। हालांकि, कार्रवाई संबंधित कानूनों और लागू प्रक्रियाओं के तहत ही की जाएगी।
प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली करने वालों पर भी नजर
प्रतियोगी परीक्षाओं में नकल, फर्जीवाड़े और दूसरे अनियमित तरीकों से शामिल होने वाले गिरोहों के खिलाफ भी अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है। परीक्षा में धांधली करने वाले सेटरों, फर्जी अभ्यर्थियों और संगठित सिंडिकेट की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की रणनीति बनाई जाएगी।
सरकार का जोर अपराध नियंत्रण, आपातकालीन पुलिस सेवा में तेजी और परीक्षा संबंधी फर्जीवाड़े पर रोक लगाने पर है। इन निर्देशों को जमीन पर लागू करने में पुलिस और संबंधित विभागों की भूमिका अहम होगी।


