
पटना: बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर महागठबंधन बुधवार, 7 अक्टूबर को सड़क पर उतरा। महागठबंधन के आह्वान पर राज्यभर के प्रखंड मुख्यालयों पर आक्रोश मार्च निकाला गया। पटना में राजद कार्यालय के बाहर बड़ी संख्या में कार्यकर्ता जुटे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तथा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पुतलों के साथ प्रदर्शन किया।

‘ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो’ के लगे नारे
पटना में प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर नारेबाजी की। इसके बाद कार्यकर्ता इनकम टैक्स गोलंबर पहुंचे, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह और ज्ञानेश कुमार के पुतलों का दहन किया गया।

महागठबंधन का कहना है कि उसका आंदोलन SIR, मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर है। विपक्ष की ओर से चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।
तेजस्वी यादव ने किया था दो दिवसीय आंदोलन का ऐलान
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सोमवार को महागठबंधन के दो दिवसीय आंदोलन का ऐलान किया था। उन्होंने कहा था कि SIR की शुरुआत बिहार से हुई और इसके खिलाफ महागठबंधन की सभी पार्टियां मिलकर आंदोलन करेंगी।
तेजस्वी यादव और विपक्ष की ओर से चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और लोकतांत्रिक प्रक्रिया की रक्षा की मांग की जा रही है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर भी तेजस्वी यादव ने कई आरोप लगाए हैं। ये आरोप विपक्ष की ओर से लगाए गए हैं।
7 अक्टूबर को प्रखंड, 8 अक्टूबर को जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन
महागठबंधन के घोषित कार्यक्रम के अनुसार, 7 अक्टूबर को सभी प्रखंड मुख्यालयों पर आक्रोश मार्च निकाला जा रहा है। इसके बाद 8 अक्टूबर को सभी जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
पटना में 8 अक्टूबर को महागठबंधन के विधायक, जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ नेता सप्तमूर्ति से लोकभवन तक मार्च निकालेंगे। इस दौरान अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपने की भी घोषणा की गई है।
महिलाओं के खातों में 10 हजार रुपये भेजने का मुद्दा भी उठा
तेजस्वी यादव ने चुनाव से पहले महिलाओं के खातों में 10 हजार रुपये भेजे जाने के मुद्दे पर भी सवाल उठाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव से पहले सरकारी संसाधनों का इस्तेमाल मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए किया गया। विपक्ष का कहना है कि उसने इन मुद्दों को चुनाव आयोग के सामने उठाया था, लेकिन उसकी शिकायतों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।
महागठबंधन का कहना है कि SIR, मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े इन्हीं मुद्दों को लेकर दो दिन का राज्यव्यापी विरोध कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।


