
पटना: बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर होने वाले चुनाव से पहले एनडीए में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बागी उम्मीदवारों और अधिकृत प्रत्याशियों का विरोध करने वाले नेताओं को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने एनडीए नेताओं से सभी आठ उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करने के लिए मिलकर काम करने की अपील की। वहीं, ग्रामीण विकास सह सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री श्रवण कुमार ने भी कहा कि अधिकृत प्रत्याशी का विरोध करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

NDA की बैठक में सभी आठ उम्मीदवारों को जिताने का टास्क
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई बैठक में जदयू विधायक अनंत सिंह, पटना स्नातक सीट से एनडीए उम्मीदवार नीरज कुमार, केंद्रीय मंत्री ललन सिंह और एनडीए के पांचों घटक दलों के विधायक, सांसद, विधान पार्षद और वरिष्ठ नेता शामिल हुए। बिहार भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री भीखूभाई दलसानिया भी बैठक में मौजूद रहे।

बैठक में सभी विधायकों को एनडीए के आठों उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई। भाजपा और जदयू ने इस चुनाव में चार-चार सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं। हालांकि, कुछ सीटों पर सहयोगी दलों से जुड़े नेताओं के बागी होकर चुनाव मैदान में उतरने से एनडीए के सामने चुनौती खड़ी हो गई है।
अनंत सिंह बोले- नीरज को जीतने नहीं देंगे
बैठक के बाद जदयू विधायक अनंत सिंह ने अपने रुख को दोहराते हुए कहा कि चुनाव को लेकर बैठक में कोई खास चर्चा नहीं हुई। उन्होंने कहा कि वह नीरज कुमार का समर्थन नहीं करेंगे और अनुज सिंह के साथ खड़े रहेंगे।
अनंत सिंह ने बैठक में जाने से पहले भी कहा था कि वह अनुज सिंह के लिए प्रचार करते रहेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि विधान परिषद का चुनाव पार्टी का चुनाव नहीं होता है। उनके इस बयान से एनडीए के अधिकृत उम्मीदवारों के समर्थन को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है।
रालोमो के तीन विधायक बैठक में नहीं पहुंचे
एनडीए की बैठक में राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) के तीन विधायक शामिल नहीं हुए। पार्टी के विधायक दल के नेता माधव आनंद ने बताया कि वह जरूरी काम से दिल्ली में थे और पार्टी के दो अन्य विधायक भी अपने काम से बाहर थे।
माधव आनंद ने बैठक को अनिवार्य नहीं बताते हुए कहा कि सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से रालोमो के उम्मीदवार रामपुकार सिन्हा हैं। हालांकि, तीन विधायकों की अनुपस्थिति को लेकर किसी तरह के आधिकारिक मतभेद की पुष्टि नहीं हुई है।
‘NDA एकजुट है, सभी सीटें जीतेंगे’
बैठक के बाद शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने दावा किया कि एनडीए पूरी तरह एकजुट है और सभी सीटों पर जीत हासिल करेगा। वहीं, ग्रामीण विकास सह सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री श्रवण कुमार ने दोहराया कि अधिकृत उम्मीदवारों का विरोध करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने भी एनडीए में किसी तरह के मतभेद से इनकार किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई बैठक में विधान परिषद चुनाव को लेकर चर्चा की गई और सभी आठ उम्मीदवारों को जिताने की रणनीति बनाई गई।
सरावगी ने कहा कि चुनाव लड़ने या समर्थन पाने की व्यक्तिगत आकांक्षाओं को एनडीए का मतभेद नहीं माना जाना चाहिए। उनके मुताबिक, भाजपा और जदयू के चार-चार उम्मीदवारों के समर्थन में सभी पांच घटक दल मिलकर चुनाव लड़ रहे हैं।
23 अक्टूबर को मतदान, 27 अक्टूबर को आएंगे नतीजे
बिहार विधान परिषद की आठ सीटों के लिए 23 अक्टूबर को मतदान और 27 अक्टूबर को मतगणना निर्धारित होने की जानकारी दी गई है। चुनाव से पहले एनडीए की कोशिश सभी घटक दलों के नेताओं और जनप्रतिनिधियों को एकजुट रखने की है।
एक तरफ मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकृत उम्मीदवारों के पक्ष में काम करने का निर्देश दिया है, तो दूसरी तरफ अनंत सिंह के बयान ने गठबंधन के भीतर समर्थन को लेकर सवाल खड़े किए हैं। अब देखना होगा कि एनडीए अपने सभी आठ उम्मीदवारों के पक्ष में एकजुट समर्थन सुनिश्चित कर पाता है या नहीं।


