
गया: बिहार स्टेट टीचर्स एसोसिएशन (बीएसटीए) गोपगुट के आह्वान पर सातवें वेतनमान की मांग को लेकर 2 अक्टूबर से पटना के गर्दनीबाग में आमरण अनशन सत्याग्रह शुरू किया जाएगा। आंदोलन में शामिल होने के लिए गया जिले से बड़ी संख्या में शिक्षकों के पटना पहुंचने की तैयारी है।

संगठन की गया जिला कमेटी ने जिले के शिक्षकों से अधिक से अधिक संख्या में पटना पहुंचकर सत्याग्रह में शामिल होने की अपील की है। शिक्षकों के बस, ट्रेन और निजी वाहनों से पटना रवाना होने की बात कही गई है।

प्रधान शिक्षक और प्रधानाध्यापक के वेतनमान की मांग
बीएसटीए गोपगुट के जिलाध्यक्ष संतोष कुमार ने कहा कि बिहार में चपरासी से लेकर पदाधिकारी तक को सातवें वेतनमान का लाभ मिल रहा है, जबकि प्रधान शिक्षक, प्रधानाध्यापक, विशिष्ट शिक्षक और विद्यालय अध्यापक समेत विभिन्न श्रेणियों के शिक्षक इससे वंचित हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षक शिक्षा के माध्यम से राज्य के भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, इसलिए उन्हें भी सातवें वेतनमान का लाभ मिलना चाहिए।
लेवल-8 और लेवल-9 के वेतनमान की मांग
संगठन की प्रमुख मांगों में सभी कोटि के शिक्षकों को सातवें वेतनमान का लाभ देना शामिल है। इसके अलावा प्रधान शिक्षक के लिए लेवल-8 में 47,600 रुपये और प्रधानाध्यापक के लिए लेवल-9 में 53,100 रुपये का वेतनमान लागू करने की मांग की जा रही है। संगठन का कहना है कि इन मांगों पर सरकार को जल्द निर्णय लेना चाहिए, ताकि शिक्षकों की समस्याओं का समाधान हो सके।
गया जिला कमेटी ने शिक्षकों से अपील की है कि वे 2 अक्टूबर को पटना के गर्दनीबाग में आयोजित आमरण अनशन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल हों। जिलाध्यक्ष संतोष कुमार ने कहा कि यह आंदोलन किसी एक संगठन तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षकों की वेतन संबंधी मांगों से जुड़ा है। अब देखना होगा कि शिक्षकों के आमरण अनशन के बाद सरकार की ओर से इन मांगों को लेकर क्या कदम उठाया जाता है।


