
Bokaro: बोकारो स्टील प्लांट (BSL) में स्थानीय लोगों के लिए स्थायी नियोजन की मांग को लेकर विस्थापित अप्रेंटिस संघ का आंदोलन अब और भी मुखर हो गया है। शहर के टू टैंक पार्क परिसर में पिछले तीन दिनों से चल रही अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल सोमवार को भी जारी रही। आंदोलनकारियों के इस संघर्ष को मजबूती देने के लिए बोकारो की विधायक श्वेता सिंह भी खुद भूख हड़ताल पर बैठ गई हैं, जिससे प्रबंधन और प्रशासन पर दबाव काफी बढ़ गया है।

नवरात्र में भी घर-परिवार छोड़कर सड़कों पर बैठने को मजबूर विस्थापित
क्रूर व्यवस्था और प्रबंधन की उदासीनता पर तीखा प्रहार करते हुए विधायक श्वेता सिंह ने इसे आर-पार की लड़ाई करार दिया। उन्होंने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि पावन नवरात्र के दिनों में भी दर्जनों विस्थापित परिवारों को अपने घरों को छोड़कर अपनी जायज मांगों के लिए भूख हड़ताल पर बैठने को मजबूर होना पड़ रहा है। इसके बावजूद बीएसएल प्रबंधन की सेहत पर कोई असर नहीं पड़ रहा है और वे इस गंभीर मसले पर पूरी तरह संवेदनहीन बने हुए हैं। उन्होंने दुख जताया कि इतने साल बीत जाने के बाद भी विस्थापितों के लिए कोई ठोस नियोजन नीति नहीं बनाई जा सकी है।

प्रेम महतो के परिजनों से किए गए वादे से मुकरा प्रबंधन
विधायक ने पुरानी घटनाओं को याद दिलाते हुए कहा कि नियोजन के इसी हक की लड़ाई के दौरान पूर्व में हुए आंदोलन में प्रेम महतो ने अपनी जान गंवा दी थी। प्रशासन और प्रबंधन ने उस दौरान उनके परिजनों को नौकरी देने का वादा किया था, लेकिन आज तक उस वादे को पूरा नहीं किया गया। उन्होंने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि जब तक विस्थापितों के नियोजन के मुद्दे पर प्रबंधन की ओर से कोई लिखित और ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक यह आंदोलन किसी भी कीमत पर थमेगा नहीं और सभी विस्थापित पूरी मजबूती से डटे रहेंगे।


