
Digitial Desk: राजनीति में एक छोटे से कार्यकर्ता के रूप में शुरुआत करने वाले ब्रजमोहन राम का सफर अब राज्यपाल के संवैधानिक पद तक पहुंच गया है। बिहार विधानसभा से लेकर तीन बार लोकसभा का सदस्य बनने तक उन्होंने राजनीति में लंबा सफर तय किया और अब ओडिशा के राज्यपाल के रूप में नई जिम्मेदारी मिलने पर अपने पुराने दिनों को याद कर रहे हैं। राज्यपाल नियुक्त किए जाने के बाद नक्षत्र समाचार से खास बातचीत में उन्होंने अपने संघर्ष के दिनों का जिक्र किया और कहा कि उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी गई है, उसे पूरी निष्ठा के साथ निभाएंगे।

छोटे कार्यकर्ता से राज्यपाल तक के सफर को किया याद
ब्रजमोहन राम ने बातचीत के दौरान बताया कि राजनीति में उनकी शुरुआत एक सामान्य कार्यकर्ता के तौर पर हुई थी और इसके बाद उन्हें बिहार विधानसभा से लेकर लोकसभा तक जनता का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला। तीन बार लोकसभा सदस्य रहने के बाद अब राज्यपाल की जिम्मेदारी मिलने को उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव बताया। इस मौके पर उन्होंने अपने संघर्ष के दिनों को याद करने के साथ ही पार्टी के प्रति आभार जताया और भरोसा दिलाया कि नई जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी और निष्ठा से निभाने की कोशिश करेंगे।

नवरात्र में मिली जिम्मेदारी पर माता रानी का जताया आभार
नक्षत्र समाचार से बातचीत में ब्रजमोहन राम ने कहा कि नवरात्र के पावन अवसर पर उन्हें यह बड़ी जिम्मेदारी मिली है, जिसके लिए वह माता रानी के प्रति भी आभार व्यक्त करते हैं। उन्होंने कहा कि राज्यपाल के रूप में उन्हें जो दायित्व सौंपा गया है, उसका निर्वहन पूरी निष्ठा से करेंगे और निर्धारित उद्देश्यों के अनुरूप आगे बढ़ेंगे।
राजनीति में एक सामान्य कार्यकर्ता के तौर पर कदम रखने वाले ब्रजमोहन राम के लिए यह नया पड़ाव है, जहां अब उनकी भूमिका जनप्रतिनिधि से बदलकर संवैधानिक पद की जिम्मेदारियों को निभाने की होगी।


