
Dhanbad News: कोयलांचल की सरजमीं पर आतंक का पर्याय बने वासेपुर के कुख्यात गैंगस्टर प्रिंस खान के गिरोह को पुलिस ने एक और बड़ा झटका दिया है। प्रिंस खान के भाई और उसके आपराधिक नेटवर्क के अहम रणनीतिकार बंटी खान को पुलिस ने पश्चिम बंगाल पुलिस की मदद से कोलकाता के एक गोपनीय ठिकाने से धर दबोचा। बंटी खान अपने भाई की तरह विदेश फरार होने की अंतिम तैयारी कर चुका था, लेकिन हवाई जहाज में बैठने से पहले ही पुलिस के फंदे में फंस गया।

पासपोर्ट और वीजा तैयार, दुबई भागने की थी योजना
पुलिस से बचने के लिए बंटी खान काफी समय से ठिकाने बदल रहा था। उसने विदेश भागने के लिए तमाम कागजी औपचारिकताएं पूरी कर ली थीं। छापेमारी के दौरान पुलिस ने उसके पास से वैध पासपोर्ट और दुबई का वीजा भी बरामद किया है। वह कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से सीधी उड़ान पकड़कर खाड़ी देश निकलने की फिराक में था, लेकिन खुफिया एजेंसियों और तकनीकी सेल की चौकसी ने उसके मंसूबों पर पानी फेर दिया।

कोलकाता में ज्वाइंट ऑपरेशन और सटीक घेराबंदी
धनबाद पुलिस को पुख्ता सूचना मिली थी कि वासेपुर का यह मोस्ट वांटेड अपराधी कोलकाता में छिपकर अपनी रवानगी का इंतजार कर रहा है। इसके तुरंत बाद एक विशेष टीम तैयार की गई, जिसने पश्चिम बंगाल पुलिस के साथ समन्वय बनाकर इलाके की घेराबंदी की। पुलिस ने बिना किसी शोर-शराबे के उस जगह दबिश दी और बंटी खान को भागने का कोई मौका दिए बिना दबोच लिया।
मेजर उर्फ सैफी के बाद दूसरा बड़ा झटका
गैंगस्टर प्रिंस खान के सिंडिकेट पर यह लगातार दूसरा बड़ा वार है। कुछ ही समय पहले पुलिस ने गिरोह के शूटर और प्रमुख गुर्गे मेजर उर्फ सैफी को भी कोलकाता एयरपोर्ट से ठीक उसी वक्त पकड़ा था, जब वह देश छोड़ने की तैयारी में था। लगातार दो अहम मोहरों के पकड़े जाने से प्रिंस खान के फर्जी दस्तावेजों के सहारे विदेश भागने वाले पूरे रूट और नेटवर्क की पोल खुल गई है।
ट्रांजिट रिमांड पर धनबाद लाने की तैयारी
बंटी खान के खिलाफ वासेपुर और धनबाद के अलग-अलग थानों में हत्या, रंगदारी, आर्म्स एक्ट और जानलेवा हमले समेत कई संगीन मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस अब उसे अदालत में पेश कर ट्रांजिट रिमांड पर धनबाद लाने की कानूनी प्रक्रिया में जुट गई है। अधिकारियों को उम्मीद है कि रिमांड पर पूछताछ के दौरान विदेश में बैठकर रंगदारी का सिंडिकेट चला रहे प्रिंस खान के मददगारों, स्थानीय व्यापारियों से वसूली गई रकम के ठिकाने और गिरोह के स्लीपर सेल से जुड़े कई बड़े राज सामने आएंगे।


