
Giridih: गिरिडीह से विधायक और राज्य सरकार के मंत्री रहे सुदिव्य कुमार सोनू के असमय निधन के बाद खाली हुई विधानसभा सीट पर अब राजनीतिक और प्रशासनिक सरगर्मी तेज हो गई है। झारखंड विधानसभा से इस सीट के आधिकारिक रूप से रिक्त होने की रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय ने औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी की ओर से गिरिडीह सीट पर उपचुनाव संपन्न कराने के लिए भारत निर्वाचन आयोग को लिखित अनुशंसा भेज दी गई है, जिसके बाद अब केंद्रीय आयोग के स्तर पर चुनावी तिथियों को लेकर हलचल बढ़ गई है।

छह महीने के भीतर मतदान कराना संवैधानिक अनिवार्यता
देश के संवैधानिक और लोकतांत्रिक प्रावधानों के अनुसार, जब भी कोई जन-प्रतिनिधि का पद या निर्वाचन क्षेत्र रिक्त होता है, तो छह महीने की अवधि के भीतर वहां उपचुनाव आयोजित कराना अनिवार्य होता है। इसी संवैधानिक नियम का उल्लेख करते हुए राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने बताया कि नियमानुसार गिरिडीह विधानसभा सीट पर हर हाल में 6 मार्च 2027 से पहले चुनाव की पूरी प्रक्रिया संपन्न करा ली जाएगी। इस समय-सीमा को ध्यान में रखते हुए निर्वाचन आयोग और स्थानीय प्रशासन तैयारियों को अमलीजामा पहनाने में जुट गया है।

प्रशासनिक तैयारियों का जायजा और जल्द तारीखों का ऐलान
क्षेत्र में निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न कराने के उद्देश्य से मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी जल्द ही गिरिडीह जिले का विस्तृत दौरा करने वाले हैं। अपने दौरे के दौरान वे जिला प्रशासन, पुलिस महकमे और निर्वाचन अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक करेंगे, जिसमें मतदान केंद्रों की स्थिति, सुरक्षा बलों की तैनाती और ईवीएम की व्यवस्था का जायजा लिया जाएगा। हालांकि, उपचुनाव के लिए मतदान, नामांकन और मतगणना की सटीक तिथियों की आधिकारिक घोषणा भारत निर्वाचन आयोग द्वारा ही पृथक रूप से की जाएगी।


