
NEW DELHI: केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने पंजाब नेशनल बैंक (PNB) को लगभग 93.44 करोड़ रुपये का चूना लगाने वाले एक बड़े बैंक धोखाधड़ी मामले में कड़ा रुख अपनाया है। सीबीआई ने मुंबई स्थित कंपनी ‘हैंजर बायोटेक एनर्जीज़ प्राइवेट लिमिटेड’ और उसके निदेशकों के खिलाफ मामला दर्ज कर कई ठिकानों पर छापेमारी की कार्रवाई की है।

30 सितंबर को पीएनबी ने दर्ज कराई थी शिकायत
सीबीआई के अनुसार, पंजाब नेशनल बैंक की मुंबई स्थित एसएएम (SAM) शाखा की ओर से 30 सितंबर को एक लिखित शिकायत दी गई थी। शिकायत के आधार पर कार्रवाई करते हुए जांच एजेंसी ने ‘हैंजर बायोटेक एनर्जीज़ प्राइवेट लिमिटेड’, कंपनी के निदेशकों, गारंटरों, अज्ञात लोकसेवकों और अन्य निजी व्यक्तियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर लिया है।

135 करोड़ रुपये के टर्म लोन में हेराफेरी का आरोप
जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने एक आपराधिक साजिश के तहत फर्जी और संबंधित पक्ष (Related Party) के इनवॉइस (चालान) के आधार पर बैंक से 135 करोड़ रुपये का टर्म लोन (Term Loan) मंजूर कराया था। आरोप है कि मंजूर की गई परियोजना में धन का उपयोग करने के बजाय इस लोन राशि को अन्य कामों में डाइवर्ट (मोड़) कर दिया गया और उसका दुरुपयोग किया गया, जिससे बैंक को 93.44 करोड़ रुपये का भारी नुकसान उठाना पड़ा।
मुंबई में कई परिसरों पर छापेमारी, दस्तावेज जब्त
मामला दर्ज करने के बाद सीबीआई ने 2 अक्टूबर 2026 को मुंबई में कंपनी के निदेशकों से जुड़े कई परिसरों और ठिकानों पर व्यापक तलाशी अभियान चलाया। इस छापेमारी के दौरान बैंक खातों से जुड़े महत्वपूर्ण कागजात, संपत्ति के दस्तावेज और कई अन्य आपत्तिजनक सामग्रियां बरामद की गईं, जिन्हें सीबीआई ने जब्त कर लिया है।
साजिश में शामिल अन्य लोगों की तलाश जारी
सीबीआई ने आधिकारिक बयान में कहा है कि इस पूरे वित्तीय घोटाले के पीछे की साजिश के नेटवर्क, इसमें शामिल बैंक अधिकारियों और अन्य व्यक्तियों की भूमिका की गहराई से जांच की जा रही है। साथ ही लोन की राशि का अंतिम उपयोग कहां-कहां किया गया, इसका भी पता लगाया जा रहा है।


