
मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग को लेकर जारी विरोध-प्रदर्शनों के बीच बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा और भाजपा सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधा है। विजय सिन्हा ने विपक्ष पर अराजकता फैलाने और संवैधानिक संस्थाओं का अपमान करने का आरोप लगाया। वहीं, सिग्रीवाल ने कांग्रेस के शासनकाल को घोटालों से जोड़ते हुए कहा कि संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए।

विजय सिन्हा बोले- विपक्ष को अपनी मानसिकता बदलनी चाहिए
कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि एक तरफ केंद्र और बिहार की एनडीए सरकार किसानों को समृद्ध बनाने और प्रधानमंत्री के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने की दिशा में काम कर रही है, वहीं दूसरी तरफ विपक्ष संवैधानिक संस्थाओं के खिलाफ माहौल बनाने में जुटा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि जिन लोगों को जनता ने नकार दिया है, वे विरोध-प्रदर्शनों के जरिए अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। सिन्हा ने कहा कि किसानों, महिलाओं, युवाओं और गरीबों के सम्मान, स्वाभिमान और समृद्धि के लिए सरकार काम कर रही है।
विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि जिनकी राजनीतिक विचारधारा पर तानाशाही और आपातकाल की छाप रही है, वे आज संविधान और संवैधानिक संस्थाओं के सम्मान की बात कर रहे हैं। उन्होंने ऐसी मानसिकता पर रोक लगाने की जरूरत बताई।
जनार्दन सिग्रीवाल ने कांग्रेस के शासनकाल पर उठाए सवाल
भाजपा सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल ने भी कांग्रेस और विपक्ष पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष देश में अराजक माहौल पैदा करना चाहता है। सिग्रीवाल ने कांग्रेस के शासनकाल का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौर में कई घोटालों के आरोप सामने आए थे और देश की जनता इसे भूली नहीं है।
उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है और इसे कमजोर करने का प्रयास नहीं होना चाहिए। उनके मुताबिक, संवैधानिक संस्थाओं पर राजनीतिक आरोप लगाने से लोकतांत्रिक व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
सिग्रीवाल ने कहा कि विपक्ष की ऐसी कोशिशें सफल नहीं होंगी और जनता इस तरह की राजनीति को स्वीकार नहीं करेगी।
ज्ञानेश कुमार के मामले में अदालत के फैसले का इंतजार करने की नसीहत
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग से जुड़े मामले में अदालत का रुख अपनाने वालों पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा सांसद ने कहा कि संबंधित पक्षों को न्यायालय के फैसले का इंतजार करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अदालत संविधान और कानून के अनुसार काम करती है। नियम-कानून का पालन करना सभी के लिए जरूरी है। हालांकि, इस मामले में अदालत की कार्यवाही और किसी संभावित फैसले की स्थिति की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
CEC विवाद पर तेज हुई सियासी बयानबाजी
ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर जारी राजनीतिक विरोध के बीच भाजपा नेताओं के इन बयानों से सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। जहां भाजपा नेता विपक्ष पर संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाने का आरोप लगा रहे हैं, वहीं इस मुद्दे पर विपक्ष के रुख और संबंधित घटनाक्रम को भी सामने रखना जरूरी है।
फिलहाल, इस विवाद ने एक बार फिर संवैधानिक संस्थाओं की भूमिका, राजनीतिक विरोध और लोकतांत्रिक मर्यादाओं को लेकर बहस तेज कर दी है।


