
Ranchi: प्रवर्तन निदेशालय यानी ED द्वारा दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े बहुचर्चित मामले में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्पेशल PMLA कोर्ट के हालिया फैसले को झारखंड हाईकोर्ट में चुनौती दी है। स्पेशल PMLA (प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) कोर्ट द्वारा 21 सितंबर को दिए गए आदेश के खिलाफ मुख्यमंत्री की ओर से हाईकोर्ट में एक क्रिमिनल रिट याचिका दाखिल की गई है। इस याचिका की स्वीकार्यता यानी मेंटेनेबिलिटी को लेकर झारखंड हाईकोर्ट में मंगलवार को महत्वपूर्ण सुनवाई निर्धारित की गई है।

स्पेशल कोर्ट ने खारिज की थी आरोप तय करने पर रोक की अर्जी
गौरतलब है कि स्पेशल PMLA कोर्ट में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की ओर से आवेदन दाखिल कर यह मांग की गई थी कि जब तक ED की पूरी जांच प्रक्रिया मुकम्मल नहीं हो जाती, तब तक उनके खिलाफ आरोप (चार्ज) तय करने की न्यायिक प्रक्रिया को स्थगित रखा जाए। हालांकि स्पेशल कोर्ट ने उनके इस तर्क को स्वीकार नहीं किया और आरोप तय करने की प्रक्रिया पर रोक लगाने से साफ इनकार करते हुए याचिका खारिज कर दी थी। निचली अदालत से राहत न मिलने के बाद मुख्यमंत्री ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।

चीफ जस्टिस की खंडपीठ में मंगलवार को सूचीबद्ध मामला
मुख्यमंत्री की इस रिट याचिका पर सुनवाई के लिए हाईकोर्ट ने पीठ तय कर दी है। यह मामला हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एम. एस. सोनक और न्यायमूर्ति मनोज प्रसाद की खंडपीठ के समक्ष सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है। मंगलवार को होने वाली इस सुनवाई में अदालत मुख्य रूप से इस बात पर विचार करेगी कि यह याचिका सुनवाई योग्य है अथवा नहीं।


