
Ranchi: लोकतांत्रिक व्यवस्था में स्वस्थ आलोचना और विचारों की भिन्नता का स्वागत है, लेकिन संवैधानिक और जनसेवा के पदों पर बैठे अधिकारियों के खिलाफ अमर्यादित और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करना सही नहीं है। झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी द्वारा दी गई कथित टिप्पणी पर कड़ा ऐतराज जताया है। एसोसिएशन ने इसे पुलिस विभाग और संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा के खिलाफ बताया है।

‘भद्द पिट रही है’ जैसे शब्दों के इस्तेमाल पर जताई कड़ी आपत्ति
एसोसिएशन के प्रदेश संयुक्त सचिव-सह-कोषाध्यक्ष राकेश कुमार पाण्डेय ने कहा कि कोर्ट में चल रहे मामलों पर इस तरह की अनर्गल टिप्पणी करना न्यायिक और संस्थागत गरिमा के खिलाफ है। इससे जनता में गलत संदेश जाता है। उन्होंने विशेष रूप से ‘भद्द पिट रही है’ जैसे शब्दों के इस्तेमाल पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि ऐसे शब्दों से पुलिस विभाग के शीर्ष अधिकारियों और जवानों की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचती है, जिससे पुलिस बल के मनोबल पर बुरा असर पड़ता है।

ASI अजय सिंह को विवाद में घसीटने पर एसोसिएशन नाराज
एसोसिएशन ने अपने सदस्य ASI (सहायक अवर निरीक्षक) अजय सिंह का नाम किसी भी फैसले की प्रक्रिया से जोड़ने पर भी कड़ा विरोध जताया है। एसोसिएशन ने साफ किया कि अजय सिंह फिलहाल मुख्यमंत्री की सुरक्षा ड्यूटी में तैनात हैं। बिना किसी सबूत के किसी भी पुलिसकर्मी को निजी या राजनीतिक विवादों में घसीटना पूरी तरह गलत और अन्यायपूर्ण है।
‘व्यक्ति विशेष नहीं, नियमों के आधार पर काम करती है पुलिस’
राकेश कुमार पाण्डेय ने कहा कि झारखंड पुलिस एक अनुशासित बल है, जो कानून, नियमों और निर्धारित सिस्टम के आधार पर काम करती है, न कि किसी व्यक्ति विशेष के कहने पर। एसोसिएशन ने सभी नेताओं से अपील की है कि वे अपने राजनीतिक या व्यक्तिगत स्वार्थों के लिए पुलिस महकमे के नेतृत्व और कर्मियों को निशाना न बनाएं। उन्होंने साफ कहा कि दिन-रात जनता की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों के मान-सम्मान के साथ एसोसिएशन मजबूती से खड़ा है।


