
Ranchi: झारखंड की राजधानी रांची स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रांतीय कार्यालय पर हुए पेट्रोल बम हमले के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई की है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने इस आतंकी और सुनियोजित हमले से जुड़े वित्तीय सिंडिकेट को खंगालने के लिए देश के चार राज्यों-झारखंड, बिहार, दिल्ली और कर्नाटक-में स्थित चार अलग-अलग परिसरों पर एक साथ सघन तलाशी अभियान चलाया। ईडी की यह जांच सीधे तौर पर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) द्वारा दर्ज की गई प्राथमिकी और गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (UAPA) के तहत दर्ज मामले पर आधारित है।

अवैध फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग के कोण से जांच
अधिकारियों के अनुसार, ED मुख्य रूप से इस हमले के पीछे संदिग्ध वित्तीय लेन-देन, विदेशी फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग के पहलुओं की गहन पड़ताल कर रही है। एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हमले की साजिश रचने, हमलावरों को साजो-सामान मुहैया कराने और नेटवर्क के विस्तार के लिए किन-किन बैंक खातों या हवाला चैनलों के जरिए फंड ट्रांसफर किया गया था। गुरुवार को हुई छापेमारी के दौरान टीमों ने संदिग्धों के ठिकानों से कई महत्वपूर्ण वित्तीय दस्तावेज, बैंक रिकॉर्ड और डिजिटल उपकरण (मोबाइल व लैपटॉप) जब्त किए हैं, जिनकी फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है।

16 जून को पेट्रोल बम से हुआ था संघ कार्यालय पर हमला
राजधानी रांची स्थित RSS के प्रांतीय कार्यालय पर 16 जून की देर रात पेट्रोल बम फेंककर हमला किया गया था। इस सनसनीखेज वारदात के बाद रांची पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो प्रत्यक्ष हमलावरों समेत तीन मुख्य संदिग्धों को गिरफ्तार किया था। पकड़े गए आरोपियों की पहचान सैफ अंसारी, अमन अंसारी और सायम सुजान के रूप में हुई थी। पूछताछ और डिजिटल साक्ष्यों की जांच में जो तथ्य सामने आए, उन्होंने देश की शीर्ष सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों के कान खड़े कर दिए।
दुबई में रची गई साजिश, पाकिस्तान में बैठे हैंडलर को भेजा गया वीडियो
प्रारंभिक जांच में अंतरराष्ट्रीय टेरर नेटवर्क की संलिप्तता का खुलासा हुआ है। यह बात सामने आई कि इस हमले की पूरी साजिश संयुक्त अरब अमीरात (दुबई) में बैठकर रची गई थी। गिरफ्तार आरोपियों में से एक ने संघ कार्यालय पर पेट्रोल बम से हमला किया, जबकि दूसरे साथी ने इसका वीडियो रिकॉर्ड किया। हमले का यह वीडियो तुरंत पाकिस्तान में बैठे मुख्य हैंडलर शाहबाज आलम उर्फ भट्टी को भेजा गया था ताकि हमले की पुष्टि की जा सके।
रांची के बाद लखनऊ में भी धमाके की थी बड़ी साजिश
पूछताछ में आरोपियों ने सुरक्षा एजेंसियों के सामने कबूल किया था कि उनका नेटवर्क रांची तक ही सीमित नहीं था। पाकिस्तानी हैंडलर शाहबाज आलम उर्फ भट्टी और दुबई में सक्रिय आवेश राजपूत उर्फ राणा ने इन तीनों संदिग्धों को रांची के बाद उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भी बड़े पैमाने पर धमाके और आतंकी वारदात को अंजाम देने का टास्क सौंपा था। समय रहते सुरक्षा एजेंसियों की सक्रियता और गिरफ्तारियों से लखनऊ की साजिश नाकाम हो गई। अब ED की इस ताजा छापेमारी के बाद टेरर फंडिंग सिंडिकेट से जुड़े और भी बड़े खुलासे होने की प्रबल संभावना है।


