
Latehar: पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने सोमवार को लातेहार स्थित बेतला पार्क सभागार में विभागीय समीक्षा बैठक की। इस हाई-लेवल मीटिंग में पेयजल विभाग के सचिव अबु इमरान, निदेशक शशि रंजन, लातेहार उपायुक्त संदीप कुमार, डीडीसी सैयद रियाज अहमद समेत पलामू, गढ़वा, लोहरदगा, सिमडेगा और गुमला के उपायुक्त और विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

लापरवाह ठेकेदारों को डेडलाइन: 3 महीने में काम पूरा करें या ब्लैकलिस्ट हों
बैठक के दौरान मंत्री ने सख्त लहजे में कहा कि आम जनता तक शुद्ध पानी पहुंचाने के मामले में रत्ती भर भी ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने नल-जल योजनाओं में हो रही देरी पर कड़ा ऐतराज जताया और सभी ठेकेदारों को तीन महीने के भीतर लंबित काम हर हाल में पूरा करने का अल्टीमेटम दिया। मंत्री ने चेतावनी दी कि समयसीमा में काम पूरा न होने पर संबंधित ठेकेदारों पर कार्रवाई करते हुए उन्हें ब्लैकलिस्ट किया जाएगा।

लातेहार, पलामू समेत कई जिलों में लंबित पड़े हैं प्रोजेक्ट्स
रिव्यू के दौरान सामने आया कि लातेहार में 5, लोहरदगा में 3, सिमडेगा में 5, गुमला में 10 और पलामू में 16 मामलों में काम अटका हुआ है। मंत्री ने इन सभी पेंडिंग केसों को लेकर अधिकारियों से ग्राउंड रिपोर्ट ली और योजनाओं को जल्द से जल्द पूरा कराने का टास्क सौंपा।
जलमीनार निर्माण में देरी पर अफसरों को पड़ी फटकार
लातेहार जिले में कई जगहों पर जलमीनार निर्माण की कछुआ चाल पर मंत्री ने अधिकारियों को जमकर क्लास लगाई। उन्होंने साफ किया कि योजनाओं की क्वालिटी और टाइमलाइन से कोई समझौता नहीं होगा। उन्होंने अधिकारियों को दफ्तर से निकलकर ग्राउंड पर जाकर समस्याओं को सुलझाने और रूटीन मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए ताकि जनता को पेयजल की परेशानी न झेलनी पड़े।


