
Dhanbad: धनबाद में आधुनिक अपराध अनुसंधान को मजबूत करने के लिए पुलिस पदाधिकारियों का चार सप्ताह का प्रशिक्षण कार्यक्रम शनिवार से शुरू हुआ। समाहरणालय स्थित पुलिस सभागार में विधि विज्ञान और डिजिटल फॉरेंसिक्स से जुड़े प्रशिक्षण शिविर का उद्घाटन वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने दीप प्रज्वलित कर किया।

यह प्रशिक्षण कुल आठ चरणों में आयोजित किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य पुलिस अधिकारियों को वैज्ञानिक, तकनीकी और डिजिटल साक्ष्यों की पहचान, संरक्षण, संग्रहण और विश्लेषण के साथ उन्हें न्यायिक प्रक्रिया में प्रभावी तरीके से इस्तेमाल करने की जानकारी देना है।

अपराध का तरीका बदला, जांच भी बदलनी जरूरी
उद्घाटन के दौरान एसएसपी प्रभात कुमार ने कहा कि समय के साथ अपराध करने के तरीके भी बदल रहे हैं। अपराधी मोबाइल फोन, सोशल मीडिया, इंटरनेट और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे में पुलिस जांच में पारंपरिक तरीकों के साथ वैज्ञानिक और डिजिटल साक्ष्यों का इस्तेमाल भी जरूरी हो गया है।
उन्होंने कहा कि किसी मामले की जांच को मजबूत बनाने के लिए पुलिस अधिकारियों का तकनीकी रूप से दक्ष होना जरूरी है। डिजिटल साक्ष्य को सही तरीके से पहचानने, सुरक्षित रखने और उसका वैज्ञानिक विश्लेषण करने से अनुसंधान को काफी मदद मिल सकती है।
मोबाइल और सोशल मीडिया से भी मिलते हैं अहम सबूत
प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को बताया गया कि किसी अपराध से जुड़े साक्ष्य सिर्फ घटनास्थल या भौतिक सामान तक सीमित नहीं हैं। मोबाइल फोन, कंप्यूटर, लैपटॉप, सोशल मीडिया अकाउंट, ई-मेल, क्लाउड स्टोरेज और CCTV फुटेज जैसे डिजिटल स्रोत भी जांच में महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।
इन स्रोतों से मिले डिजिटल साक्ष्यों को तय प्रक्रिया के तहत सुरक्षित रखना और उनकी जांच करना जरूरी है। प्रशिक्षण में डिजिटल साक्ष्य की पहचान, संरक्षण, संग्रहण, परीक्षण और विश्लेषण की शुरुआती प्रक्रियाओं को भी समझाया गया।
साक्ष्य की प्रामाणिकता पर भी जोर
प्रशिक्षण में डिजिटल साक्ष्य की अखंडता, प्रामाणिकता और अदालत में उसकी उपयोगिता से जुड़े पहलुओं पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों को बताया गया कि डिजिटल सबूत के साथ किसी भी स्तर पर लापरवाही होने से जांच की विश्वसनीयता प्रभावित हो सकती है। इसलिए इसके संरक्षण और दस्तावेजीकरण की प्रक्रिया को गंभीरता से अपनाना जरूरी है।
विशेषज्ञ दे रहे प्रशिक्षण
प्रशिक्षण कार्यक्रम में रक्षा मंत्रालय के साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ अंकित कुमार और प्रशिक्षक सुयश भारती पुलिस अधिकारियों को आधुनिक तकनीक और डिजिटल फॉरेंसिक्स से जुड़े विषयों की जानकारी दे रहे हैं। अगले चार सप्ताह में विधि विज्ञान, डिजिटल साक्ष्य और आधुनिक जांच पद्धतियों से जुड़े कई विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इस प्रशिक्षण का उद्देश्य पुलिस अनुसंधान को ज्यादा वैज्ञानिक और साक्ष्य आधारित बनाना है, ताकि तकनीक से जुड़े जटिल मामलों की जांच में पुलिस अधिकारी डिजिटल और वैज्ञानिक साक्ष्यों का बेहतर इस्तेमाल कर सकें।


