
Delhi SIR: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। एसआईआर अभियान के तहत दिल्ली में लगभग 33.1 लाख मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए हैं। इन सभी मतदाताओं की मतदान केंद्र-वार सूची नोटिस जारी किए जाने के ठोस कारणों के साथ दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर सार्वजनिक कर दी गई है ताकि लोग आसानी से इसकी जानकारी ले सकें।

राजनीतिक दलों के साथ हुई अहम बैठक
दिल्ली के सीईओ अशोक कुमार ने सोमवार को विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की। इस बैठक में विशेष गहन संशोधन के तहत दावों और आपत्तियों की अवधि तथा अन्य जरूरी मामलों पर विस्तार से चर्चा की गई। सीईओ ने दो टूक शब्दों में दोहराया कि निर्वाचन आयोग पूरी तरह से एक पारदर्शी, भागीदारीपूर्ण और समावेशी संशोधन प्रक्रिया चलाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पूरी कवायद का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदान के अधिकार से वंचित न रहे और किसी भी अपात्र व्यक्ति का नाम गलती से सूची में शामिल न हो पाए।

नोटिस मिलने का मतलब नामटना नहीं
मतदाताओं के मन में आ रही शंकाओं को दूर करते हुए सीईओ ने साफ किया कि जिन लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं, उनका नाम वोटर लिस्ट से तुरंत काट दिया गया है, ऐसा बिल्कुल नहीं है। नोटिस मिलने का मतलब यह कतई नहीं है कि मतदाता का नाम सूची से हटा दिया गया है। ऐसे मतदाता संबंधित ईआरओ (ERO) या एईआरओ (AERO) के पास जाकर अपना लिखित जवाब और जरूरी दस्तावेज जमा करा सकते हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि बिना उचित और निष्पक्ष सुनवाई का मौका दिए किसी भी नागरिक का नाम वोटर लिस्ट से नहीं हटाया जाएगा।
महत्वपूर्ण तारीखें और आगे का शेड्यूल
चुनाव आयोग के तय कार्यक्रम के अनुसार, एसआईआर प्रक्रिया के तहत नोटिस और प्राप्त होने वाले दावों व आपत्तियों का निपटारा आगामी 29 अक्टूबर तक पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद सभी कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को पूरा करते हुए अंतिम और अपडेटेड मतदाता सूची (फाइनल वोटर लिस्ट) 4 नवंबर को आधिकारिक रूप से पब्लिश कर दी जाएगी।
खास वर्गों के लिए स्पेशल कैंप और फॉर्म 6 जमा करने की अंतिम तारीख
समाज के हाशिए पर मौजूद वर्गों का विशेष ध्यान रखते हुए सीईओ ने बताया कि बेघर लोगों, ट्रांसजेंडर समुदाय और सेक्स वर्कर्स के लिए विशेष शिविर (स्पेशल कैंप) लगाए जा रहे हैं। यदि कोई योग्य नागरिक जिसका नाम अभी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में शामिल नहीं है, वह आगामी 30 सितंबर तक अपने जरूरी दस्तावेजों के साथ फॉर्म 6 भरकर जमा कर सकता है, ताकि उसका नाम मतदाता सूची में जोड़ा जा सके।


