
AIBC Companion Award 2026: झारखंड के जाने-माने वनस्पति वैज्ञानिक और इंडियन बॉटनिकल सोसाइटी (IBS) के सक्रिय सदस्य डॉ. प्रसंजित मुखर्जी को बॉटनिकल साइंस के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रतिष्ठित IBS–AIBC कम्पैनियन अवार्ड–2026 के लिए चुना गया है। यह सम्मान उन्हें मैसूरु (कर्नाटक) स्थित केंद्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी अनुसंधान संस्थान (CFTRI) में 1 से 3 नवंबर 2026 के बीच आयोजित होने वाले वार्षिक सम्मेलन में दिया जाएगा। डॉ. मुखर्जी को यह अवॉर्ड वनस्पति विज्ञान के क्षेत्र में उनके लंबे अनुभव और झारखंड की समृद्ध पादप संपदा पर किए गए गहन शोध कार्यों के लिए मिल रहा है।

सोसाइटी के साथ पूरे हुए दो दशक
डॉ. मुखर्जी साल 2006 से इंडियन बॉटनिकल सोसाइटी से जुड़े हुए हैं। इस साल संगठन के साथ उनके जुड़ाव के 20 साल पूरे हो रहे हैं। इस लंबे सफर के दौरान वे न सिर्फ रिसर्च और सम्मेलनों में लगातार सक्रिय रहे, बल्कि उन्होंने 2017 से 2020 और 2023 से 2026 तक दो बार काउंसिल मेंबर के रूप में भी सोसाइटी को अपनी सेवाएं दी हैं। इस दौरान उन्होंने एकेडमिक रिसर्च को बढ़ावा देने और युवा शोधार्थियों को जोड़ने में अहम भूमिका निभाई।

झारखंड की जैव विविधता पर ठोस रिसर्च
डॉ. मुखर्जी ने प्लांट टैक्सोनॉमी, जलीय व अर्द्ध-जलीय वनस्पतियों, एथ्नोबॉटनी और पर्यावरण वनस्पति विज्ञान पर खास काम किया है। उन्होंने झारखंड के जंगलों और ग्रामीण इलाकों की पादप विविधता का साइंटिफिक डॉक्यूमेंटेशन तैयार करने और उसके संरक्षण में बड़ा योगदान दिया है। वर्तमान में वे झारखंड जैव विविधता बोर्ड के सदस्य भी हैं, जहां वे राज्य के पर्यावरणीय मुद्दों और कंजर्वेशन पॉलिसीज पर काम कर रहे हैं।
रांची विश्वविद्यालय और राज्य के लिए गर्व का पल
इस राष्ट्रीय स्तर के सम्मान के लिए चुने जाने पर रांची विश्वविद्यालय और स्थानीय वैज्ञानिक समुदाय में खुशी का माहौल है। जानकारों का मानना है कि यह उपलब्धि झारखंड के युवा रिसर्चर्स, टीचर्स और स्टूडेंट्स को बॉटनिकल रिसर्च के प्रति प्रेरित करेगी और राज्य की प्राकृतिक विरासत के संरक्षण को नई दिशा देगी।


