
Dumka News : दुमका नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत दादी सती गली (दादी श्याम मंदिर वाली गली) स्थित ‘मां सुशीला ट्रेडिंग कंपनी’ में क्रॉम्पटन कंपनी की लीगल टीम ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से छापेमारी कर डुप्लीकेट उत्पादों के एक बड़े अवैध कारोबार का भंडाफोड़ किया है। प्रतिष्ठान से नामी ब्रांड क्रॉम्पटन के नाम पर बेचे जा रहे नकली तारों का बड़ा जखीरा बरामद किया गया है। लीगल टीम के प्राथमिक आकलन के अनुसार, जब्त किए गए सामान का अनुमानित बाजार मूल्य करीब 15 से 20 लाख रुपये है।

कंपनी के जोनल हेड के नेतृत्व में हुई कार्रवाई, 30 बंडल नकली तार बरामद
यह छापेमारी पीआई लीगल टीम के नॉर्थ ईस्टर्न जोनल हेड तोतोन चक्रवर्ती के नेतृत्व में की गई। टीम ने दुकान और गोदाम की तलाशी लेकर करीब 30 बंडल डुप्लीकेट तार जब्त किए। लीगल टीम के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इन तारों की पैकेजिंग और लेबलिंग पर क्रॉम्पटन कंपनी के ट्रेडमार्क व ब्रांड का अनधिकृत इस्तेमाल किया गया था, जबकि तकनीकी जांच में ये उत्पाद पूरी तरह नकली और घटिया पाए गए। बाजार में कंपनी के असली उत्पादों की बिक्री अचानक घटने के बाद कंपनी के लीगल विंग ने गुप्त जांच शुरू की थी, जिसके बाद यह सफलता मिली।

मीडिया को बयान देकर चकमा दे गया प्रोपराइटर, दूसरा सहयोगी हिरासत में
कार्रवाई के दौरान नगर थाना पुलिस ने फर्म से जुड़े बिपिन अग्रवाल को मौके से हिरासत में ले लिया। वहीं, प्रतिष्ठान के मुख्य प्रोपराइटर कृष्ण अग्रवाल ने पहले मीडिया कर्मियों के सामने बयान दिया और फिर पुलिस को चकमा देकर बड़ी चालाकी से मौके से फरार हो गए। भागने से पहले मीडिया से बातचीत में कृष्ण अग्रवाल ने सफाई देते हुए कहा था कि सामान असली है या नकली, इसे वे प्रमाणित नहीं कर सकते क्योंकि उनकी फर्म सीधे दिल्ली से माल मंगवाती है। पुलिस अब फरार मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
दिल्ली से दुमका तक जुड़े हैं फर्जीवाड़े के तार
जांच में सामने आया है कि भागलपुर निवासी कारोबारी टाटा शोरूम के आगे संकरी गली में यह होलसेल कारोबार चला रहे थे, जहां सामान्य तौर पर पुलिस और स्थानीय लोगों का ध्यान नहीं जाता था। दुमका नगर थाना पुलिस और लीगल टीम अब इस बात की गहन पड़ताल कर रही है कि दिल्ली के किन सप्लायरों के जरिए इस नकली माल की खेप दुमका भेजी जा रही थी और इस नेटवर्क में स्थानीय स्तर पर कौन-कौन से खुदरा दुकानदार शामिल हैं। पुलिस ने फर्म के प्रोपराइटर कृष्ण अग्रवाल और बिपिन अग्रवाल के खिलाफ कॉपीराइट और धोखाधड़ी की सुसंगत धाराओं में वैधानिक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।


