
Motihari: पूर्वी चंपारण के तेतरिया प्रखंड स्थित एक उत्क्रमित उच्च विद्यालय में शिक्षक दिवस का एक वीडियो वायरल हो रहा है। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं के सामने कथित तौर पर अश्लील भोजपुरी वीडियो चलाए जाने का मामला सामने आया है। घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल क्लिप सामने आने के बाद विद्यालय की व्यवस्था और कार्यक्रम के दौरान मौजूद जिम्मेदार शिक्षकों की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं।

मामले को गंभीरता से लेते हुए तेतरिया के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (BEO) राकेश कुमार ने विद्यालय के प्रधानाध्यापक से स्पष्टीकरण मांगा है। उन्होंने कहा है कि जांच में दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई के लिए जिला स्तर पर प्रतिवेदन भेजा जाएगा।

Teacher’s Day कार्यक्रम का बताया जा रहा वायरल वीडियो
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में एक कक्षा को शिक्षक दिवस के कार्यक्रम के लिए सजाया हुआ दिखाई दे रहा है। इसी दौरान कमरे में लगी LED स्क्रीन पर कथित तौर पर अश्लील भोजपुरी वीडियो चलता हुआ नजर आ रहा है। वीडियो में छात्राएं भी कमरे में मौजूद दिखाई दे रही हैं।
वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की नाराजगी देखने को मिल रही है। कई लोग विद्यालय परिसर में इस तरह की कथित सामग्री चलाए जाने की जांच और जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। सोशल मीडिया पर वीडियो को तेतरिया प्रखंड के उत्क्रमित उच्च विद्यालय से जुड़ा बताया जा रहा है। ऐसे में कार्यक्रम वास्तव में इसी विद्यालय का था या नहीं और वीडियो में दिखाई दे रही सामग्री किस परिस्थिति में चलाई गई, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
BEO ने प्रधानाध्यापक से मांगा स्पष्टीकरण
मामले को लेकर तेतरिया के बीईओ राकेश कुमार ने कहा कि शिक्षक दिवस के अवसर पर छात्राओं के सामने अश्लील वीडियो चलाया जाना गंभीर मामला है। उन्होंने बताया कि विद्यालय के प्रधानाध्यापक से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
बीईओ के मुताबिक, जांच के बाद यदि किसी व्यक्ति की जिम्मेदारी सामने आती है तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भेजी जाएगी। शिक्षा विभाग अब यह पता लगाने की कोशिश करेगा कि LED स्क्रीन पर कथित वीडियो कैसे चला और इसके लिए जिम्मेदार कौन था।
छात्राओं के सामने वीडियो चलाने पर उठे सवाल
घटना ने विद्यालयों में होने वाले सांस्कृतिक और अन्य कार्यक्रमों की निगरानी को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। खास तौर पर छात्राओं की मौजूदगी वाले कार्यक्रम में LED स्क्रीन पर कथित आपत्तिजनक सामग्री चलाए जाने की बात सामने आने से स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी पर सवाल उठ रहे हैं।
यदि जांच में वायरल वीडियो और विद्यालय से जुड़ी उसकी पहचान सही पाई जाती है, तो यह भी स्पष्ट करना होगा कि कार्यक्रम के दौरान स्क्रीन पर चलने वाली सामग्री की निगरानी किसकी जिम्मेदारी थी। फिलहाल शिक्षा विभाग की जांच और प्रधानाध्यापक के स्पष्टीकरण के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि वायरल वीडियो की वास्तविकता क्या है।
(प्रतिक सिंह की रिपोर्ट)


