
Ranchi: राजधानी रांची के निवारणपुर स्थित RSS प्रांत कार्यालय के पास बीते 16 जून को हुए पेट्रोल बम हमले के मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी ED ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। हमले के पीछे के संदिग्ध वित्तीय लेन-देन, फंडिंग और नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने के लिए ED की एक विशेष टीम गुरुवार सुबह लोहरदगा पहुंची। टीम ने शहर के न्यू आजाद बस्ती इलाके में स्थित आरोपियों के आवासीय परिसरों में सघन तलाशी अभियान चलाया।

जेल में बंद आरोपियों के घरों पर छापेमारी, खंगाले गए दस्तावेज
कार्रवाई के दौरान ED के अधिकारियों ने इस मामले में पहले से गिरफ्तार आरोपी सैफ अंसारी और अमन अंसारी के घरों की बारीकी से जांच की। सुरक्षा बलों की सख्त मौजूदगी में अधिकारियों ने कमरों की तलाशी ली और परिजनों के मोबाइल फोन, सिम कार्ड, बैंक खाते और प्रॉपर्टी से जुड़े कागजातों की गहराई से पड़ताल की। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हमले की साजिश में स्थानीय या बाहरी स्तर से किस तरह का आर्थिक सहयोग मिला था।

पूरा इलाका पुलिस छावनी में तब्दील, रास्तों पर लगाई गई बैरिकेडिंग
ED की रेड की खबर फैलते ही पूरे न्यू आजाद बस्ती क्षेत्र में हलचल तेज हो गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस बल के सहयोग से संबंधित गली और आसपास के क्षेत्र को पूरी तरह सुरक्षित घेरे में ले लिया गया। आने-जाने वाले रास्तों पर बैरिकेड्स लगाकर आम लोगों और गाड़ियों की आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई। अधिकारियों ने इस पूरी प्रक्रिया को बेहद गोपनीय रखा और स्थानीय स्तर पर किसी भी तरह की जानकारी साझा करने से पूरी तरह दूरी बनाए रखी।
डिजिटल डिवाइस कब्जे में, वित्तीय नेटवर्क पर एजेंसी की नजर
सूत्रों के मुताबिक टीम ने जांच के दौरान मिले कई डिजिटल गैजेट्स और लेन-देन से जुड़े जरूरी रिकॉर्ड अपने कब्जे में लिए हैं। हालांकि जांच के दौरान किन-किन चीजों को आधिकारिक तौर पर जब्त किया गया है, इस पर ED या जिला पुलिस की तरफ से कोई औपचारिक बयान जारी नहीं हुआ है। स्थानीय पुलिस का कहना है कि उनकी भूमिका केवल सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित थी। ED की इस सीधी जांच के बाद आने वाले दिनों में मामले से जुड़े कुछ और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।


