
varanasi: उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित रामनगर थाना क्षेत्र में लंका मैदान के पास भोर के समय यूपी ATS और प्रतिबंधित नक्सली संगठन तृतीय प्रस्तुति कमेटी (TPC) के कुख्यात कमांडर बृजेश गंझू उर्फ गोपाल सिंह भोक्ता के बीच जबरदस्त मुठभेड़ हुई। इस खूंखार एनकाउंटर में 30 लाख रुपये के इनामी नक्सली बृजेश गंझू को पुलिस ने ढेर कर दिया। मुठभेड़ इतनी भीषण थी कि बदमाशों द्वारा चलाई गई गोलियां डिप्टी एसपी विपिन राय और हेड कांस्टेबल नितेंद्र कृष्ण की बुलेटप्रूफ जैकेट पर भी जा लगीं, जिससे पुलिसकर्मियों की जान बाल-बाल बची।

भागने की कोशिश में की थी फायरिंग, जवाबी कार्रवाई में हुआ ढेर
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बृजेश गंझू अपने एक साथी के साथ बाइक पर सवार होकर टेंगरा मोड़ से मुगलसराय की ओर जा रहा था। जब रामनगर थाना क्षेत्र के पास पुलिस टीम ने उसे रोकने का प्रयास किया, तो वह बाइक से कूदकर भागने की फिराक में आ गया और पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने आत्मरक्षार्थ जब जवाबी कार्रवाई की, तो गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस उसे तुरंत इलाज के लिए अस्पताल लेकर पहुंची, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

झारखंड और NIA को थी लंबे समय से तलाश, कुल 30 लाख का था इनाम
इस हाई-प्रोफाइल एनकाउंटर की पुष्टि करते हुए झारखंड पुलिस के आईजी ऑपरेशन्स और प्रवक्ता नरेंद्र सिंह ने बताया कि झारखंड पुलिस के STF से मिली खुफिया जानकारी के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। मारे गए नक्सली बृजेश गंझू पर झारखंड सरकार की तरफ से 25 लाख रुपये और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की तरफ से 5 लाख रुपये का इनाम घोषित था, यानी उस पर कुल 30 लाख रुपये का इनाम था। वह टीपीसी संगठन का प्रमुख होने के साथ-साथ कई संगीन मामलों में एनआईए द्वारा भी वांछित घोषित किया गया था, जिसके मारे जाने से नक्सली संगठनों को एक बहुत बड़ा झटका लगा है।


