
Captain Smit Machhar: दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में 35 हजार फीट की ऊंचाई पर जो खौफनाक मंजर देखने को मिला, वह किसी भी रोंगटे खड़े कर देने वाली थ्रिलर फिल्म जैसा था। कॉकपिट में अपने ही को-पायलट के कुल्हाड़ी के हमले में लहूलुहान होकर गिरे भारतीय कैप्टन स्मित मछार के लिए वहां मौजूद एक इजरायली डेंटिस्ट देवदूत बनकर सामने आए। जॉर्जियाई मूल के डेंटिस्ट डॉ. शोता मुसाएव ने पूरी सूझबूझ दिखाते हुए अगले 45 मिनट तक हवा में ही कैप्टन को बचाने के लिए मोर्चा संभाला और उन्हें नई जिंदगी दी।

चीख-पुकार सुनकर कॉकपिट की तरफ दौड़े थे डॉक्टर
फ्लाइट के दौरान जैसे ही हंगामा और चीखने की आवाजें आईं, पैसेंजर्स के बीच बैठे डॉ. शोता तुरंत कॉकपिट की ओर भागे। वहां का नजारा बेहद डरावना था। कैप्टन स्मित खून से सने फर्श पर बेसुध पड़े थे और उनके सिर व बाएं हाथ से लगातार भारी ब्लीडिंग हो रही थी। घाव इतने गहरे थे कि खून थमने का नाम नहीं ले रहा था। डॉ. शोता ने बिना वक्त गंवाए अपनी टी-शर्ट से घावों को दबाया और केबिन क्रू से तुरंत बर्फ के पैकेट मंगाए। जब भी कपड़ा हटाते, खून का फव्वारा छूट पड़ता, इसलिए उन्होंने लगातार 45 मिनट तक बर्फ की मदद से घावों पर हल्का दबाव बनाए रखा।

होश में रखने के लिए बच्चों और परिवार की दिलाते रहे याद
इतना ज्यादा खून बहने की वजह से कैप्टन स्मित मछार बार-बार बेहोशी की हालत में जा रहे थे। उन्हें जगाए रखने के लिए डॉ. शोता लगातार उनसे बातें करते रहे। डॉक्टर ने उनसे पूछा कि उनके कितने बच्चे हैं, बच्चों के क्या नाम हैं और दिलासा दिया कि वे जल्द ही लैंड करने वाले हैं और वह अपने परिवार के पास सुरक्षित पहुंचेंगे। दर्द से कराहते हुए कैप्टन स्मित ने अपना नाम, उम्र और दुबई में रहने की बात बताई और कहा कि भगवान उनके साथ हैं और वे जीना चाहते हैं, यहां मरना नहीं चाहते।
जब नब्ज थमने लगी और होंठ पड़ गए नीले
इलाज के दौरान एक वक्त ऐसा आया जब कैप्टन की पल्स रेट बहुत तेजी से नीचे गिर गई। स्थिति नाजुक होते देख डॉक्टर ने तुरंत उनके दोनों पैर ऊपर उठाए, जिससे ब्लड सर्कुलेशन सुधरा और नब्ज वापस लौट आई। लेकिन जब ज्यादा खून बहने से उनके होंठ नीले पड़ने लगे, तो डॉक्टर ने सीधे क्रू मेंबर से कहा कि हमारे पास बिल्कुल वक्त नहीं है और प्लेन की तुरंत इमरजेंसी लैंडिंग करानी होगी। ज्यादा ब्लीडिंग के खतरे को देखते हुए डॉक्टर ने कैप्टन को कोई भारी पेनकिलर या दवा देने से मना कर दिया और उन्हें लगातार हिलाने से भी बचाते रहे।
अबू धाबी के अस्पताल में चल रहा है इलाज
इस खौफनाक हमले के बाद सऊदी अरब में शुरुआती इमरजेंसी सर्जरी कराकर कैप्टन स्मित मछार को बेहतर इलाज के लिए अबू धाबी के अस्पताल में एयरलिफ्ट कराया गया। भारतीय दूतावास और डॉक्टरों की निगरानी में उनकी हालत अब खतरे से बाहर है और वे तेजी से रिकवर कर रहे हैं। डेंटिस्ट डॉ. शोता मुसाएव की सूझबूझ और जांबाजी की अब पूरी दुनिया में तारीफ हो रही है, जिनकी बदौलत एक बहादुर कैप्टन मौत के मुंह से सुरक्षित बाहर निकल आया।


