
Ranchi: झारखंड में वर्ष 2015 की सिपाही बहाली परीक्षा के सभी चरण पास करने के बावजूद नियुक्ति का इंतजार कर रहे योग्य अभ्यर्थियों के लिए उम्मीद की नई किरण दिखी है। झारखंड हाईकोर्ट ने इस मामले को लेकर झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) को नोटिस जारी किया है और छह सप्ताह के भीतर विस्तृत जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। जस्टिस दीपक रोशन की एकल पीठ ने अविनाश कुमार और अन्य अभ्यर्थियों द्वारा दायर रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया।

7,272 पदों में से 1,518 सीटें आज भी खाली
सुनवाई के दौरान प्रार्थियों के अधिवक्ता ने अदालत को अवगत कराया कि विज्ञापन संख्या 04/2015 के तहत पुलिस कांस्टेबल के कुल 7,272 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई थी। इस पूरी चयन प्रक्रिया के बाद भी 1,518 पद अब तक रिक्त पड़े हुए हैं। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि वे शारीरिक दक्षता परीक्षा, मेडिकल टेस्ट और लिखित परीक्षा जैसे सभी कड़े मापदंड सफलतापूर्वक पास कर चुके हैं, इसके बावजूद वर्षों से उन्हें नियुक्ति से वंचित रखा गया है।

सुप्रीम कोर्ट के 21 अगस्त के फैसले का दिया हवाला
अदालत में बहस के दौरान सुप्रीम कोर्ट द्वारा इसी भर्ती परीक्षा से जुड़े ‘जितेंद्र कुमार शर्मा बनाम राज्य सरकार’ मामले में दिए गए हालिया ऐतिहासिक आदेश का मुख्य रूप से हवाला दिया गया। सुप्रीम कोर्ट ने 21 अगस्त 2026 को बड़ा फैसला सुनाते हुए 862 याचिकाकर्ताओं को सीधे नियुक्ति देने का आदेश जारी किया था। इसी न्यायिक आदेश को आधार बनाकर शेष बचे योग्य अभ्यर्थियों ने भी रिक्त 1,518 सीटों पर समायोजन और नियुक्ति की गुहार लगाई है।
9 दिसंबर को होगी मामले की अगली सुनवाई
अभ्यर्थियों की दलीलों और मामले की गंभीरता पर गौर करने के बाद हाईकोर्ट ने आयोग को अपना पक्ष स्पष्ट करने के लिए छह सप्ताह की मोहलत दी है। अदालत ने इस बहुप्रतीक्षित मामले की अगली सुनवाई 9 दिसंबर तय की है।


