
Simdega: झारखंड की पूर्व मंत्री और वरिष्ठ नेत्री विमला प्रधान का अंतिम संस्कार रविवार को सिमडेगा के बगडांड गांव स्थित पालामाड़ा नदी तट पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ संपन्न हुआ। उनके पार्थिव शरीर के गांव पहुंचते ही माहौल गमगीन हो गया और शोक में डूबे लोगों ने नम आंखों से अपनी प्रिय नेत्री को अंतिम विदाई दी। अंतिम संस्कार के दौरान जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के कई बड़े अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।

लंबे समय से बीमार थीं पूर्व नेत्री
जानकारी के मुताबिक, पूर्व मंत्री विमला प्रधान लंबे समय से स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही थीं। शुक्रवार की रात रांची के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान उनका निधन हो गया था। उनके निधन की खबर मिलते ही सिमडेगा समेत पूरे झारखंड राजनीतिक गलियारों और उनके गृह क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई थी। निधन के अगले दिन शनिवार को राज्य सरकार ने उनके अंतिम संस्कार को पूरे राजकीय सम्मान के साथ कराने का आधिकारिक निर्देश जारी किया था, जिसके बाद जिला प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली थीं।

21 जवानों ने दी सलामी, गूंजी गोलियों की आवाज
पालामाड़ा नदी तट पर राजकीय सम्मान की परंपरा के तहत सिमडेगा पुलिस के जवानों ने विमला प्रधान को अंतिम विदाई दी। पुलिस कमांडर के नेतृत्व में 21 जवानों की टुकड़ी ने गार्ड ऑफ हॉनर देते हुए हवा में पांच राउंड फायरिंग की और सशस्त्र सलामी अर्पित की। इस दौरान पूरा इलाका गोलियों की गूंज और भारत माता की जय के नारों से गूंज उठा।
डीसी और एसपी समेत सैकड़ों लोग रहे मौजूद
अंतिम यात्रा और संस्कार के दौरान सिमडेगा के उपायुक्त (DC) और पुलिस अधीक्षक (SP) समेत जिला प्रशासन के तमाम वरीय अधिकारी, पुलिस बल के जवान और इलाके के सैकड़ों आम नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने दिवंगत नेत्री के पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी और उनके परिजनों को ढांढस बंधाया।
बड़े बेटे ने दी मुखाग्नि
राजकीय सम्मान की सभी प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद पारंपरिक और सामाजिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूर्व मंत्री का अंतिम संस्कार किया गया। उनके बड़े पुत्र मनीष मणिकांत प्रधान ने नम आंखों और भारी मन से अपनी मां को मुखाग्नि दी। इस दौरान परिजनों की चीख-पुकार से वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं।


