
Giridih: गिरिडीह नगर निगम में विकास कार्यों की सुस्ती और फंड की भारी किल्लत को लेकर अंदरूनी खींचतान अब पूरी तरह खुलकर सामने आ गई है. महज सात महीनों के भीतर निगम की बदहाल व्यवस्था और कार्यशैली से नाराज बीजेपी समर्थक वार्ड पार्षदों ने सीधे मेयर प्रमिला मेहरा और डिप्टी मेयर के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. शुक्रवार को बीजेपी समर्थित वार्ड पार्षद संजीव कुमार गुड्डू, पार्षद दीपक यादव और पार्षद प्रतिनिधि मिथुन चंद्रवंशी ने एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर नगर निगम के सिस्टम पर जमकर भड़ास निकाली. पार्षदों ने आरोप लगाया कि निगम प्रशासन पूरी तरह लाचार दिख रहा है और जनता से जुड़े जरूरी विकास कार्य फाइलों में ही दबे पड़े हैं.

शिलान्यास के बाद भी टेंडर का अता-पता नहीं, 36 वार्डों में पेयजल संकट
पार्षदों ने जानकारी दी कि अब तक नगर निगम बोर्ड की तीन बैठकें हो चुकी हैं, जिनमें कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगी थी. कुछ महीने पहले दिवंगत मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू की मौजूदगी में गाजे-बाजे के साथ करोड़ों रुपये की योजनाओं का शिलान्यास भी किया गया था. लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि निर्माण कार्य शुरू होना तो दूर, अब तक इन योजनाओं का टेंडर तक जारी नहीं हो सका है. यही बदहाल स्थिति निगम क्षेत्र के सभी 36 वार्डों में पेयजल संकट को लेकर भी है. किसी भी वार्ड में जलापूर्ति की मुकम्मल व्यवस्था नहीं है. हद तो यह है कि पेयजल व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए जनरेटर खरीदने की मंजूरी मिलने के बावजूद प्रशासन अब तक खरीदारी तक नहीं कर पाया है.

सुनवाई न होने पर फूटा गुस्सा, त्योहारों के बाद बड़े आंदोलन की चेतावनी
नाराज पार्षदों ने पीड़ा जाहिर करते हुए कहा कि नगर निगम में हालात इतने बेपटरी हो चुके हैं कि जनता द्वारा चुनकर आने के बावजूद मेयर और डिप्टी मेयर उनकी समस्याएं तक सुनने को तैयार नहीं हैं. जब निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की ही कोई सुध नहीं ले रहा है, तो आम नागरिकों का हाल खुद समझा जा सकता है. पार्षदों ने साफ लफ्जों में चेतावनी दी है कि यदि विकास योजनाओं, रुके हुए टेंडरों और गंभीर पेयजल समस्या के समाधान के लिए तत्काल ठोस पहल नहीं की गई, तो पर्व के बाद नगर निगम कार्यालय में जोरदार जन आंदोलन छेड़ा जाएगा.


