
गया में शव की अदला-बदली से हड़कंप, गया: बिहार के गया से पुलिस और अस्पताल प्रशासन की गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। यहां सड़क हादसे में जान गंवाने वाले 57 वर्षीय बिगन रविदास के शव की जगह पोस्टमार्टम कर्मियों ने कथित तौर पर एक लावारिस शव दाह संस्कार के लिए भेज दिया। जब शनिवार दोपहर बिगन रविदास के परिजनों को शव सौंपा गया तो उसमें से दुर्गंध आ रही थी। शक होने पर परिजनों ने शव खोलकर देखा तो वह बिगन रविदास का शव नहीं था।

मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया। जांच में पता चला कि जिस शव का विष्णुपद घाट स्थित शवदाह गृह में अंतिम संस्कार किया जा रहा था, वह बिगन रविदास का ही शव था। तब तक शव करीब 90 फीसदी जल चुका था। आनन-फानन में दाह संस्कार रुकवाया गया।

सड़क हादसे में हुई थी बिगन रविदास की मौत
जानकारी के अनुसार, गुरारू थाना क्षेत्र के बर्मा गांव निवासी बिगन रविदास की सड़क हादसे में मौत हुई थी। हादसे के बाद उनका शव पोस्टमार्टम के लिए मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में रखा गया था। अस्पताल में एक लावारिस शव भी पहले से रखा हुआ था, जिसका पुलिस की ओर से अंतिम संस्कार कराया जाना था।
शनिवार को शव सौंपने के दौरान कथित तौर पर पहचान में चूक हो गई। आरोप है कि चौकीदार ने लावारिस शव की जगह बिगन रविदास का शव प्राप्त कर लिया और उसे दाह संस्कार के लिए पोस्टमार्टम कर्मियों को सौंप दिया। पोस्टमार्टम कर्मियों ने भी शव की पहचान और दस्तावेजों का ठीक से मिलान किए बिना उसे अंतिम संस्कार के लिए भेज दिया।
परिजनों को मिला तो शव से आ रही थी दुर्गंध
जब बिगन रविदास के परिजन अस्पताल पहुंचे और उन्हें शव सौंपा गया तो शव से दुर्गंध आ रही थी। परिजनों ने जब शव को खोलकर देखा तो उनके होश उड़ गए। शव बिगन रविदास का नहीं था।
इसके बाद पूरे मामले की जानकारी अस्पताल और पुलिस अधिकारियों को दी गई। इसी दौरान पता चला कि विष्णुपद घाट के शवदाह गृह में एक शव का अंतिम संस्कार किया जा रहा है। वहां पहुंचकर दाह संस्कार रुकवाया गया, लेकिन तब तक शव का करीब 90 फीसदी हिस्सा जल चुका था।
पुलिस बोली- जांच के बाद होगी कार्रवाई
मामले को लेकर मगध मेडिकल थाना प्रभारी सुदेश कुमार ने कहा कि पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि चौकीदार को शव सौंपा गया था और जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, मगध मेडिकल कॉलेज के अधीक्षक सह प्रभारी प्राचार्य डॉ. एपी आनंद ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में नहीं आया था। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम विभाग के विभागाध्यक्ष से इस संबंध में बात की जाएगी और मामले में कार्रवाई की जाएगी। शव की पहचान में हुई इस गंभीर चूक ने अस्पताल में शवों के रखरखाव, पहचान और अंतिम संस्कार से पहले अपनाई जाने वाली प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।


