
गया: बिहार के गया और औरंगाबाद जिले की सीमा पर स्थित जंगल में सुरक्षाबलों को सर्च अभियान के दौरान हथियार और अन्य सामग्री मिली है। गुरुवार को चलाए गए तलाशी अभियान में एक देसी राइफल, जिंदा कारतूस, खाली खोखे और बिजली का तार बरामद किया गया। यह कार्रवाई नक्सल विरोधी अभियान के तहत सीआरपीएफ और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने की।

सुरक्षाबलों के अनुसार, बरामद सामग्री में 315 बोर की एक देसी राइफल, 8 एमएम का एक जिंदा कारतूस, 12 बोर के चार खाली खोखे और 10 मीटर बिजली का तार शामिल है। सामग्री किस उद्देश्य से जंगल में छिपाकर रखी गई थी, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

चट्टानों के बीच बोरी में छिपाकर रखी गई थी सामग्री
जानकारी के मुताबिक, सुरक्षाबलों ने गया जिले के छकरबंधा थाना क्षेत्र और औरंगाबाद जिले के मदनपुर थाना क्षेत्र की सीमा पर स्थित लंगुराही जंगल में तलाशी अभियान चलाया।
इस दौरान लंगुराही कैंप से करीब 3.8 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम दिशा में चट्टानों के बीच एक बोरी में छिपाकर रखी गई राइफल और अन्य सामग्री मिली। बरामदगी के बाद सुरक्षाबलों ने आसपास के इलाके में भी सघन तलाशी अभियान चलाया।
सुरक्षाबलों को आशंका है कि नक्सलियों ने इन सामग्रियों को किसी उद्देश्य से छिपाकर रखा हो सकता है। हालांकि, इसके पीछे की मंशा और सामग्री के संभावित इस्तेमाल को लेकर जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
CRPF की C-47 बटालियन और स्थानीय पुलिस की संयुक्त कार्रवाई
सीआरपीएफ अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई इंटेलिजेंस आधारित एरिया डोमिनेशन और डिमाइनिंग अभियान के तहत की गई। अभियान में सीआरपीएफ की सी-47 बटालियन के जवानों और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम शामिल थी।
यह अभियान बटालियन के कमांडेंट अवधेश कुमार के निर्देशन में कंपनी कमांडर नीरज रंजन के नेतृत्व में चलाया गया। अधिकारियों के मुताबिक, अभियान का उद्देश्य संवेदनशील जंगल क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों का पता लगाना और सुरक्षा सुनिश्चित करना था।
नक्सल विरोधी अभियान: पहले भी मिल चुकी है AK-47 की खाली मैगजीन और कारतूस
गौरतलब है कि पिछले महीने बरहा-छकरबंधा जंगल के करम स्थान के पास एके-47 की खाली मैगजीन और कुछ कारतूस मिले थे। इसके बाद इलाके में नक्सल विरोधी सर्च अभियान तेज किया गया था।
इसी क्रम में लंगुराही और छकरबंधा कैंप के जवानों ने संयुक्त रूप से तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान हथियार और अन्य सामग्री बरामद हुई। अधिकारियों के मुताबिक, बरामदगी के बाद आसपास के जंगलों में भी तलाशी ली गई, लेकिन कोई अन्य संदिग्ध सामग्री नहीं मिली।
बरामद सामग्री के इस्तेमाल की जांच जारी
गया और औरंगाबाद की सीमा पर स्थित जंगलों में सुरक्षाबलों की सक्रियता बढ़ाई गई है। बरामद हथियार, कारतूस और बिजली के तार के स्रोत तथा संभावित इस्तेमाल के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
फिलहाल, सर्च अभियान के दौरान किसी अन्य संदिग्ध सामग्री के मिलने की सूचना नहीं है। जांच और तलाशी के आगे के निष्कर्षों के बाद ही बरामदगी से जुड़े सभी तथ्यों की पुष्टि हो सकेगी।


