
Giridih College: गिरिडीह कॉलेज में करोड़ों रुपये के कथित वित्तीय घोटाले का मामला अब और गर्मा गया है। एक तरफ जहां कॉलेज के प्रिंसिपल मृगेंद्र नारायण सिंह और प्रोफेसर बालेंदु शेखर त्रिपाठी पर करोड़ों रुपये डकारने का आरोप लगा है और अभी तक कोई जांच शुरू नहीं हुई है, वहीं दूसरी तरफ लापरवाह यूनिवर्सिटी प्रशासन के खिलाफ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के छात्र नेताओं का अनशन 10वें दिन भी जारी है। अनशन पर बैठे अनीश राय और नीरज चौधरी की हालत लगातार बिगड़ रही है।

मामले की शिकायत लेकर राजभवन पहुंचे छात्र नेता
यूनिवर्सिटी की चुप्पी और कोई कार्रवाई न होते देख बुधवार को एबीवीपी के प्रतिनिधिमंडल ने रांची स्थित लोक भवन (राजभवन) में राज्य के राज्यपाल संतोष गंगवार से खास मुलाकात की। मंटू मुर्मू के नेतृत्व में मिले इस प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को कॉलेज में चल रहे पूरे गबन के खेल की विस्तृत जानकारी दी और एक ज्ञापन सौंपा।

इग्नू और परीक्षा फंड में करोड़ों के गबन का आरोप
छात्र नेताओं ने राज्यपाल को बताया कि गिरिडीह कॉलेज में इग्नू (IGNOU) की राशि और परीक्षा फॉर्म से जुड़े फंड में करोड़ों रुपये का बड़ा घोटाला किया गया है। छात्र संगठन पिछले तीन महीनों से इस मुद्दे को लेकर लगातार आंदोलन कर रहा है, लेकिन यूनिवर्सिटी प्रशासन आंखें मूंदकर बैठा है। एबीवीपी नेताओं ने आरोप लगाया कि यूनिवर्सिटी की शह पर ही प्रिंसिपल और प्रोफेसर ने मिलकर इतनी बड़ी रकम का गबन किया है।
राज्यपाल ने दिया जांच और निलंबन का भरोसा
छात्रों की पूरी बात सुनने के बाद राज्यपाल संतोष गंगवार ने मामले को बेहद गंभीरता से लिया। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि राजभवन की ओर से जल्द ही यूनिवर्सिटी प्रशासन को इस पूरे घोटाले की निष्पक्ष जांच के लिए कड़ा पत्र भेजा जाएगा। इसके साथ ही राज्यपाल ने भरोसा दिलाया कि जांच पूरी होने तक आरोपी प्रिंसिपल और प्रोफेसर को पद से हटाने का आदेश भी जारी किया जाएगा।
प्रतिनिधिमंडल में ये वरिष्ठ सदस्य रहे मौजूद
राजभवन में राज्यपाल से मुलाकात के दौरान एबीवीपी के मंटू मुर्मू के अलावा डॉ. मौशमी पॉल, प्रांत संगठन मंत्री पशुपति नाथ, प्रदेश सह मंत्री अभय वर्मा समेत संगठन के कई प्रमुख सदस्य और पदाधिकारी मौजूद रहे। राज्यपाल के इस कड़े रुख के बाद अब माना जा रहा है कि आरोपी प्रिंसिपल और प्रोफेसर की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं।


