
Giridih: नकली नोटों का अवैध कारोबार करने के गंभीर आरोप में गिरिडीह के ADJ 8 राजेश बग्गा की अदालत ने मंगलवार को बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने आरोपी सिराज अंसारी को दोषी ठहराते हुए 7 साल की सख्त कैद की सजा सुनाई है और साथ ही उस पर आर्थिक जुर्माना भी लगाया है। अदालत ने अपर लोक अभियोजक अशोक दास और बचाव पक्ष के वकील की दलीलों को सुनने तथा तमाम साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद यह फैसला सुनाया।

अलग-अलग धाराओं में सुनाई गई सजा
अदालत ने आरोपी सिराज अंसारी को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 489(B) के तहत 7 साल के कारावास की सजा और 5 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माना न भरने की सूरत में अतिरिक्त सजा काटनी होगी। इसके अलावा, अदालत ने धारा 489(C) के तहत भी आरोपी को 5 साल की सजा सुनाई है। ये दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी।

50 हजार के जाली नोट खपाने पहुंचा था बड़ा चौक
मामले की जानकारी के मुताबिक, 5 दिसंबर 2019 की शाम आरोपी सिराज अंसारी 50 हजार रुपये मूल्य के जाली नोटों की गड्डी लेकर गिरिडीह के नगर थाना क्षेत्र स्थित बड़ा चौक पहुंचा था। वह इन जाली नोटों को बाजार में खपाने और चलाने की फिराक में था। इसी दौरान नगर थाना पुलिस को गुप्त सूचना मिली, जिसके आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने उसे रंगे हाथों धर दबोचा और अगले दिन न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था।
6 गवाहों की गवाही पर मिली सजा
पुलिस ने मामले की गहनता से जांच करने के बाद आरोपी के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। ट्रायल के दौरान अदालत में कुल 6 गवाहों ने सिराज अंसारी के खिलाफ अपने बयान दर्ज कराए। गवाहों के बयान और पुलिस द्वारा पेश किए गए पुख्ता सबूतों के आधार पर अदालत ने सिराज अंसारी को जाली नोटों के कारोबार का दोषी पाया और उसे 7 साल के कारावास की सजा सुनाकर जेल भेज दिया।


