
Giridih News: गिरिडीह और देवघर जिले से रिश्तों को तार-तार कर देने वाली एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। अपनी चार साल की मासूम बच्ची को स्कूल छोड़ने निकली एक विवाहिता को उसके अपने ही फूफेरे भाई ने झांसा देकर गाड़ी में बैठा लिया। इसके बाद वह उसे देवघर से सीधे गिरिडीह ले आया, जहां एक कमरे में बंधक बनाकर उसके साथ दुष्कर्म किया गया। विरोध करने पर पीड़िता को नशीला रसगुल्ला खिलाकर बेहोश कर दिया गया। मामले की शिकायत मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी फूफेरे भाई को सलाखों के पीछे भेज दिया गया है, जबकि दो अन्य संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

गाड़ी में बैठाकर ले आया गिरिडीह, दुकान के पीछे बने कमरे में की हैवानियत
पीड़िता का मायका गिरिडीह जिले में है और उसकी शादी देवघर जिले में हुई थी। पुलिस को दिए बयान के अनुसार, यह खौफनाक घटना 1 अक्टूबर की सुबह घटी थी। महिला अपनी चार साल की छोटी बेटी को स्कूल छोड़ने के लिए घर से बाहर निकली थी। तभी रास्ते में उसका फूफेरा भाई अपनी गाड़ी लेकर सामने आ गया। उसने पारिवारिक बातचीत का झांसा देकर महिला को गाड़ी में बैठा लिया। इसके बाद आरोपी महिला को सीधे देवघर से गिरिडीह के धनवार थाना क्षेत्र ले आया, जहां उसकी अपनी एक दुकान है। वहां दुकान के पीछे बने सुनसान कमरे में आरोपी ने महिला को बंधक बना लिया और जबरन उसके साथ दुष्कर्म किया।

दोस्तों के साथ संबंध बनाने का बनाया दबाव, खिलाया नशीला रसगुल्ला
पीड़िता ने पुलिस के सामने दिए अपने फर्द बयान में रोंगटे खड़े कर देने वाले खुलासे किए हैं। महिला का आरोप है कि दुष्कर्म के बाद आरोपी फूफेरे भाई ने उस पर अपने अन्य दोस्तों के साथ भी शारीरिक संबंध बनाने का गंदा दबाव डाला। जब महिला ने चीखते-चिल्लाते हुए इसका कड़ा विरोध किया, तो उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई। इसके तुरंत बाद कमरे में तीन-चार अन्य युवक पहुंचे और उन्होंने महिला के मुंह में जबरन रसगुल्ला ठूंस दिया। रसगुल्ला खाते ही महिला की सुध-बुध खो गई और वह बेहोश हो गई।
अगले दिन शाम को आया होश, परिजनों को सुनाई आपबीती
इस बर्बरता के बाद महिला अगले दिन शाम करीब चार बजे होश में आई। होश में आने के बाद पीड़िता बुरी तरह डरी और सहमी हुई थी। किसी तरह अपने घर पहुंचकर उसने परिजनों को पूरी दास्तान सुनाई। परिवार ने हालात को संभालते हुए 7 अक्टूबर को पुलिस में आधिकारिक शिकायत दर्ज कराने की हिम्मत जुटाई। मामले की नजाकत को भांपते हुए SP डॉ. बिमल कुमार ने तुरंत संज्ञान लिया और आरोपियों को पकड़ने के लिए एक विशेष जांच टीम गठित कर ताबड़तोड़ छापेमारी के आदेश दिए। स्पेशल टीम ने अलग-अलग ठिकानों पर दबिश देकर मुख्य आरोपी फूफेरे भाई को धर दबोचा।


