
Giridih news: शारदीय नवरात्रि के पावन मौके पर गिरिडीह में दुर्गा पूजा का उत्साह अपने पूरे शबाब पर पहुंच चुका है। शहर से लेकर उपनगरीय इलाकों तक हर ओर गूंजते मां के भजनों ने फिजा में भक्ति का रस घोल दिया है और शुक्रवार को श्रद्धालुओं ने पूरे विधि-विधान के साथ मां भगवती की आराधना की। पूजा पंडाल पूरी तरह सज-धजकर दर्शनार्थियों के स्वागत के लिए तैयार हैं, हालांकि बदलते मौसम और अचानक बारिश के खतरे को देखते हुए विभिन्न पूजा समितियों के सदस्यों में थोड़ी मायूसी और चिंता जरूर है कि कहीं मौसम पर्व के रंग में भंग न डाल दे। इसके बावजूद गिरिडीह के दो सबसे ऐतिहासिक और दशकों से अपनी खूबसूरती के लिए मशहूर पंडालों को देखने के लिए लोगों में जबर्दस्त क्रेज बना हुआ है।

सुरो सुंदरी में देसी गांव का रंग, पपरवाटांड में दक्षिण भारत के मंदिर की झलक


गिरिडीह में दशकों से कलात्मक कारीगरी के लिए पहचाने जाने वाले स्टेशन रोड स्थित सुरो सुंदरी इंस्टिट्यूट अकादमी के पंडाल को इस बार बेहद जमीनी और अनूठी थीम दी गई है। पूजा समिति के सदस्य पंकज ताह और उनके साथियों ने इस पूरे पंडाल को एक ठेठ भारतीय गांव के परिवेश में ढाला है, जो शहरी आपाधापी के बीच लोगों को मिट्टी की खुशबू का अहसास कराएगा। वहीं दूसरी तरफ गिरिडीह-डुमरी रोड स्थित पपरवाटांड पूजा पंडाल को समिति के सदस्यों मुखिया शिवनाथ साहू, अमरनाथ सिन्हा और अन्य सहयोगियों ने दक्षिण भारत के एक भव्य और दिव्य मंदिर का स्वरूप प्रदान किया है। इस विशाल मंदिर रूपी पंडाल की नक्काशी और भव्यता दूर से ही श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित कर रही है।
महिलाओं की सुरक्षा के लिए चप्पे-चप्पे पर CCTV, निगरानी के लिए बने दो स्पेशल पोस्ट

पपरवाटांड पूजा पंडाल के आयोजक मुखिया शिवनाथ साहू ने बताया कि पंडाल का निर्माण कार्य पूरी तरह कंप्लीट कर लिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंडाल और आसपास लगने वाले मेले में महिलाओं व बच्चों की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है, जिसके मद्देनजर पूरे परिसर में आधुनिक CCTV कैमरे लगाए गए हैं। भीड़भाड़ और हर गतिविधि पर चौबीसों घंटे पैनी नजर रखने के लिए दो बड़े वॉच पोस्ट तैयार किए गए हैं, जहां से पूरे मेला क्षेत्र की लाइव मॉनिटरिंग की जाएगी। इसके अलावा पूजा समिति के समर्पित सदस्य और वॉलिंटियर्स भी मेले में लगातार गश्त करेंगे ताकि श्रद्धालु बिना किसी असुविधा या भय के शांतिपूर्ण माहौल में मां के दर्शन कर सकें।


