
Giridih: गिरिडीह जिले के सुदूर ग्रामीण अंचलों में स्वास्थ्य और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं की बदहाली एक बार फिर उजागर हुई है। देवरी प्रखंड की भेलवाघाटी पंचायत स्थित बरमसिया गांव (लोही टोला) से एक मरीज को खटिया (चारपाई) पर लादकर मुख्य मार्ग तक ले जाने का वीडियो सामने आया है। पक्की सड़क के अभाव में ग्रामीणों द्वारा मरीज को कंधों पर ढोने का यह मामला बुधवार का बताया जा रहा है।

खटिया के सहारे एक किलोमीटर का सफर, फिर पहुंचे अस्पताल
मिली जानकारी के अनुसार, बरमसिया गांव के लोही टोला निवासी मुंशी किस्कू की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। गांव तक एंबुलेंस अथवा किसी चारपहिया वाहन के पहुंचने लायक रास्ता न होने के कारण परिजनों और ग्रामीणों के पास कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा। इसके बाद ग्रामीणों ने मुंशी किस्कू को खटिया पर लिटाया और उन्हें कंधों पर उठाकर पथरीले व कच्चे रास्ते से करीब एक किलोमीटर दूर मुख्य सड़क तक पहुंचाया। वहां से वाहन की व्यवस्था कर उन्हें गिरिडीह सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।

पंचायत के दर्जनों रास्तों की हालत खस्ता
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि भेलवाघाटी पंचायत के कई टोले आज भी पक्की सड़कों से नहीं जुड़ सके हैं। दर्जनों रास्ते या तो कच्चे हैं या पूरी तरह जर्जर हो चुके हैं। हल्की सी बारिश में भी इन रास्तों पर चलना जोखिम भरा हो जाता है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ग्रामीण विकास योजनाओं के सही क्रियान्वयन न होने से जनता मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों को कई बार अवगत कराने के बावजूद इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
समाधान न होने पर आंदोलन की चेतावनी
गांव के लोगों ने जिला प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से अपील की है कि वे जमीनी हकीकत को देखते हुए गांव को मुख्य सड़क से जोड़ने के लिए जल्द पक्की सड़क का निर्माण कराएं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समस्या का समाधान जल्द नहीं निकाला गया, तो वे सड़क पर उतरकर आंदोलन करने को बाध्य होंगे।


