
Giridih news: गिरिडीह शहर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) द्वारा मंगलवार को विजयादशमी उत्सव के अवसर पर भव्य पथ संचलन का आयोजन किया गया। पूर्ण गणवेश में सजे संघ के स्वयंसेवकों ने बैंड-बाजे की धुन पर पथ संचलन निकाला। हालांकि, अतिसंवेदनशील श्रेणी में आने वाले इलाकों से पथ संचलन निकालने की अनुमति जिला प्रशासन द्वारा न दिए जाने पर संघ पदाधिकारियों ने गहरी नाराजगी जताई। इसके बाद पूर्व निर्धारित रूट के बजाय वैकल्पिक रास्ते से पथ संचलन निकाला गया। शहर के विभिन्न स्थानों पर संचलन पर पुष्पवर्षा की गई, जिसके बाद यह झंडा मैदान पहुंचकर समाप्त हुआ।

झंडा मैदान में भारत माता और गुरु गोलवलकर के समक्ष जलाया गया दीप


पथ संचलन के समापन के बाद झंडा मैदान में औपचारिक विजयादशमी उत्सव का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में प्रांत कार्यवाह मोहन कच्छप और वीर प्रताप ने गुरु गोलवलकर, भारत माता और मां दुर्गा की तस्वीरों के समक्ष दीप प्रज्वलित कर भगवा ध्वज फहराया। इस अवसर पर पूर्व सांसद रवींद्र पांडेय, पूर्व मेयर सुनील पासवान, नगर संचालक विजय जैन सहित कई प्रमुख भाजपा व आजसू नेता, संघ कार्यकर्ता और बच्चे पूर्ण गणवेश में मौजूद रहे।
हिंदू समाज की एकजुटता और संघ के शताब्दी वर्ष पर दिया संदेश


समारोह को संबोधित करते हुए प्रांत कार्यवाह मोहन कच्छप ने कहा कि 100 वर्ष पूर्व विजयादशमी के दिन संघ की स्थापना हिंदू समाज को संगठित करने के संकल्प के साथ हुई थी। उन्होंने प्रयागराज महाकुंभ का उदाहरण देते हुए कहा कि जब-जब हिंदू संगठित हुआ है, देश में बड़े बदलाव और आयोजन हुए हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि आरएसएस तब तक अपना संघर्ष और त्याग जारी रखेगा जब तक संपूर्ण समाज एकजुट नहीं हो जाता।


