
Gumla: झारखंड कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता उज्ज्वल कुमार तिवारी और मीडिया प्रभारी राजीव नारायण प्रसाद ने सोमवार को परिषद भवन में प्रेसवार्ता कर केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। नेताओं ने खास तौर पर MMDR संशोधन अधिनियम 2026 को लेकर पार्टी की आपत्ति सामने रखी और कहा कि इसका असर झारखंड के खनिज संसाधनों और राज्य के राजस्व अधिकारों पर पड़ सकता है।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि झारखंड खनिज संपदा से समृद्ध राज्य है और खनिज संसाधनों से जुड़े फैसलों में राज्य के हितों को ध्यान में रखा जाना चाहिए। हालांकि, केंद्र सरकार का कहना है कि संशोधन से राज्यों के जमीन और खनिज अधिकार या खनिजों पर राज्यों द्वारा वसूले जाने वाले मौजूदा टैक्स खत्म नहीं होते और खनन से जुड़े कुल कर व वैधानिक भुगतान का करीब 90 फीसदी हिस्सा राज्यों को मिलता रहेगा।

‘खनिज संपदा का लाभ राज्य को मिलना चाहिए’
प्रेसवार्ता में कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पार्टी MMDR संशोधन के खिलाफ अपना विरोध जारी रखेगी। उनका कहना है कि यह सिर्फ कांग्रेस का राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि झारखंड के खनिज संसाधनों और उनसे जुड़े राजस्व से संबंधित विषय है।
कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि पार्टी इस मुद्दे को लेकर प्रदेश से लेकर स्थानीय स्तर तक आंदोलन करेगी। इसके तहत जनसंवाद, धरना-प्रदर्शन और अन्य कार्यक्रमों के जरिए लोगों तक अपनी बात पहुंचाने की तैयारी है।
26 सितंबर को लोकभवन मार्च की तैयारी
कांग्रेस ने 26 सितंबर को रांची में लोकभवन मार्च का ऐलान किया है। पार्टी की ओर से इस कार्यक्रम को लेकर जिला और प्रखंड स्तर पर संगठन को सक्रिय किया जा रहा है। हाल ही में प्रदेश कांग्रेस ने भी सभी जिलों के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर मार्च की तैयारियों की समीक्षा की है।
कांग्रेस नेताओं ने गुमला में कहा कि प्रस्तावित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं के शामिल होने की तैयारी है। पार्टी का कहना है कि MMDR संशोधन से जुड़े अपने सवालों को वह लोकतांत्रिक तरीके से सरकार के सामने रखेगी।
चंदा मामले को लेकर भी केंद्र पर सवाल
प्रेसवार्ता के दौरान राम मंदिर से जुड़े चंदा मामले को लेकर भी कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार पर सवाल उठाए। नेताओं ने आरोप लगाया कि मामले में प्रभावशाली लोगों को बचाने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, इन आरोपों को कांग्रेस के राजनीतिक दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पार्टी इन मुद्दों को लेकर अपना विरोध जारी रखेगी और जनता से जुड़े सवालों को आंदोलन के जरिए उठाती रहेगी।
MMDR को लेकर झारखंड में बढ़ी सियासी गर्मी
MMDR संशोधन अधिनियम को लेकर झारखंड में राजनीतिक विवाद लगातार तेज हो रहा है। कांग्रेस के साथ झामुमो भी इसका विरोध कर रहा है, जबकि केंद्र सरकार संशोधन को खनन क्षेत्र में स्थिरता और स्पष्टता लाने वाला कदम बता रही है।
वहीं झारखंड सरकार ने भी इस कानून को लेकर सुप्रीम कोर्ट जाने का फैसला किया है। राज्य सरकार का कहना है कि संशोधन से खनिज सेस और राज्य के राजस्व हित प्रभावित हो सकते हैं।


