
Gumla road project: झारखंड में सड़क से सफर करने वालों के लिए अच्छी खबर है। पलमा से गुमला के बीच करीब 63 किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क का निर्माण पूरा हो गया है और इस पर वाहनों की आवाजाही भी शुरू हो चुकी है। लगभग 1,908 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस सड़क से गुमला और आसपास के इलाकों के लोगों को बेहतर यातायात सुविधा मिलने की उम्मीद है। वहीं, झारखंड और छत्तीसगढ़ के बीच सड़क संपर्क को और मजबूत बनाने के लिए करीब 870 करोड़ रुपये की लागत से एक और फोरलेन ग्रीनफील्ड हाईवे बनाया जा रहा है। इस तरह NHAI की दोनों परियोजनाओं पर कुल करीब 2,778 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के रांची क्षेत्रीय कार्यालय ने गुरुवार, 15 अक्टूबर को इन दोनों परियोजनाओं की जानकारी दी। इनमें पहली परियोजना पलमा से गुमला के बीच NH-43 पर पूरी हो चुकी है, जबकि दूसरी परियोजना झारखंड-छत्तीसगढ़ सीमा से गुमला के भरदा तक बनाई जा रही है। NHAI का कहना है कि इन सड़कों से न सिर्फ यात्रियों का सफर आसान होगा, बल्कि माल ढुलाई, स्थानीय कारोबार और कृषि उत्पादों के परिवहन में भी सुविधा मिलेगी।

63.17 किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क तैयार, वाहनों की आवाजाही शुरू

पलमा-गुमला फोरलेन परियोजना NH-43 के किलोमीटर 26 से किलोमीटर 89.170 तक बनाई गई है। इसकी कुल लंबाई 63.17 किलोमीटर है और निर्माण तथा निर्माण-पूर्व खर्च को मिलाकर परियोजना की लागत लगभग 1,908.43 करोड़ रुपये है।
NHAI के मुताबिक, सड़क का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और इसे आम लोगों के आवागमन के लिए खोल दिया गया है। हालांकि, परियोजना का औपचारिक पूर्णता प्रमाणपत्र 31 जनवरी 2027 तक जारी होने की संभावना है।
इस सड़क के बनने से वाहन चालकों को पहले के मुकाबले बेहतर सड़क सुविधा मिलेगी। NHAI को उम्मीद है कि इससे यात्रा में लगने वाला समय और ईंधन खर्च कम होगा। साथ ही, गुमला और आसपास के क्षेत्रों में व्यापार, परिवहन और कृषि उत्पादों की आवाजाही को भी बढ़ावा मिलेगा।
NHAI रांची के क्षेत्रीय अधिकारी संतोष कुमार आर्य ने बताया कि पलमा-गुमला फोरलेन परियोजना झारखंड में सड़क ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। बेहतर सड़क संपर्क से यात्रियों की सुविधा बढ़ने के साथ स्थानीय कारोबार, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है।
छत्तीसगढ़ सीमा से गुमला तक बनेगा 32.37 किलोमीटर का नया हाईवे

पलमा-गुमला सड़क के अलावा NHAI झारखंड-छत्तीसगढ़ सीमा से गुमला के भरदा तक एक नया फोरलेन ग्रीनफील्ड हाईवे भी बना रहा है। यह सड़क NH-43 के किलोमीटर 0 से किलोमीटर 32.370 तक कुल 32.37 किलोमीटर लंबी होगी।
इस परियोजना पर करीब 869.58 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। निर्माण कार्य 18 फरवरी 2026 को शुरू हुआ था और इसे 730 दिनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। यानी निर्धारित समयसीमा के मुताबिक यह परियोजना फरवरी 2028 के आसपास पूरी हो सकती है।
इस नए हाईवे में सिर्फ चार लेन की सड़क ही नहीं, बल्कि 15 पुल, 22 ग्रेड-सेपरेटेड संरचनाएं, 95 बॉक्स कल्वर्ट और तीन पाइप कल्वर्ट भी बनाए जाएंगे। इसके अलावा करीब 10.08 किलोमीटर लंबी सर्विस रोड और यात्रियों के लिए विश्राम स्थलों का निर्माण भी प्रस्तावित है।
NHAI के महाप्रबंधक विजय कुमार के मुताबिक, इस हाईवे के बनने से झारखंड और छत्तीसगढ़ के बीच यातायात संपर्क मजबूत होगा। इससे कृषि उत्पादों, कच्चे माल और अन्य सामान की ढुलाई आसान होने के साथ स्थानीय उद्योगों और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
शहरों में कम होगा भारी वाहनों का दबाव

ग्रीनफील्ड हाईवे बनने के बाद भारी वाहनों को शहरी और घनी आबादी वाले इलाकों से बाहर वैकल्पिक रास्ता मिल सकता है। इससे शहरों के भीतर ट्रैफिक का दबाव कम होने और यात्रा का समय घटने की संभावना है।
सड़क निर्माण के दौरान भी स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा हो रहे हैं। परियोजना से श्रमिकों, तकनीकी कर्मचारियों, मशीन ऑपरेटरों, परिवहन सेवाओं और निर्माण सामग्री की आपूर्ति से जुड़े लोगों को काम मिल रहा है।
NHAI के परियोजना निदेशक कुमार गौतम ने बताया कि पलमा-गुमला सड़क पर यातायात शुरू हो चुका है, जबकि छत्तीसगढ़ सीमा से गुमला तक बनने वाले हाईवे का निर्माण जारी है। दोनों परियोजनाओं में गुणवत्ता और सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है।
हाईवे पर परेशानी हो तो 1033 पर मिलेगी मदद

NHAI ने राष्ट्रीय राजमार्गों पर सफर करने वाले लोगों के लिए हेल्पलाइन नंबर 1033 की सुविधा उपलब्ध कराई है। सड़क दुर्घटना या किसी दूसरी आपात स्थिति में इस नंबर पर संपर्क कर मदद मांगी जा सकती है। जरूरत के मुताबिक एंबुलेंस, पेट्रोलिंग वाहन और क्रेन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था है।
इसके अलावा सड़क सुरक्षा के लिए क्रैश बैरियर, रोड साइनेज और जंक्शन सुधार जैसे उपाय किए जा रहे हैं। एंबुलेंस सेवाओं को GPS और VTS तकनीक से जोड़कर आपात स्थिति में जल्द सहायता पहुंचाने पर भी जोर दिया गया है।
हाईवे के किनारे लगाए जाएंगे एक लाख से ज्यादा पौधे
सड़क निर्माण के साथ पर्यावरण संरक्षण के लिए भी NHAI ने पौधारोपण की योजना बनाई है। पलमा-गुमला परियोजना के तहत कुल 1 लाख 4 हजार 250 पौधे लगाने का प्रावधान है।
विभाग की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, परियोजना रियायतग्राही द्वारा 26,228 पौधे लगाए जा चुके हैं। इसके अलावा 45,417 पौधों के रोपण के लिए वन विभाग के खाते में राशि जमा कराई गई है। शेष पौधारोपण के लिए निविदा प्रक्रिया पूरी कर काम आवंटित किया गया है।
NHAI का कहना है कि इन दोनों राजमार्ग परियोजनाओं का उद्देश्य झारखंड में सुरक्षित और सुविधाजनक सड़क संपर्क विकसित करने के साथ क्षेत्रीय कारोबार, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देना है।


