
Ranchi: राजधानी रांची के अशोक नगर इलाके में 57 वर्षीय फेरीवाले राजकुमार प्रसाद की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत के बाद उपजा विवाद अब सीधे पुलिसिया कार्यशैली की चौखट तक पहुंच गया है। एक तरफ जहां बेकाबू कार की टक्कर से परिवार का कमाने वाला मुखिया हमेशा के लिए चला गया, वहीं दूसरी तरफ हादसे की जांच के नाम पर थाने बुलाए गए परिजनों ने पुलिसकर्मियों पर ही बदसलूकी, गाली-गलौज और मारपीट करने का संगीन आरोप जड़ दिया है। गमगीन परिजनों का आरोप है कि जब वे कार्रवाई की जानकारी लेने पहुंचे, तो सांत्वना और मदद मिलने के बजाय उनके साथ अमानवीय बर्ताव किया गया। अब पीड़ित परिवार ने अरगोड़ा थाने में लिखित शिकायत देकर दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग उठाई है, जिससे यह पूरा मामला बेहद संवेदनशील मोड़ पर आ खड़ा हुआ है।

फेरी लगाकर घर लौट रहे थे बुजुर्ग, कार ने मारी जोरदार टक्कर

परिजनों के अनुसार 57 वर्षीय राजकुमार प्रसाद अशोक नगर इलाके में ठेले पर फेरी लगाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। 25 सितंबर की रात करीब साढ़े नौ से दस बजे के बीच वे रोजमर्रा की तरह काम खत्म कर अशोक नगर रोड नंबर-2 से अपने घर की ओर पैदल लौट रहे थे। इसी दौरान एक तेज रफ्तार कार ने उन्हें पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि वे सड़क पर लहूलुहान होकर गिर पड़े, जबकि आरोपी चालक मौके का फायदा उठाकर तेजी से कार भगा ले गया। आसपास के लोगों और परिजनों की मदद से उन्हें फौरन अस्पताल ले जाया जाने लगा, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। हादसे के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए रिम्स भेजा था।
शव सड़क पर रखकर फूटा था गुस्सा, घंटों थमी रही आवाजाही
राजकुमार प्रसाद की मौत के बाद आक्रोशित परिजनों और स्थानीय लोगों का गुस्सा शनिवार को सड़कों पर उतर आया था। नाराज लोगों ने अशोक नगर गेट नंबर-2 के पास सड़क पर शव रखकर जोरदार विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। दोपहर करीब ढाई बजे शुरू हुए इस चक्काजाम के कारण अशोक नगर से अरगोड़ा मुख्य मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और आवागमन पूरी तरह ठप हो गया। प्रदर्शनकारी आरोपी कार चालक की तुरंत गिरफ्तारी और बेसहारा हुए परिवार को उचित मुआवजे की मांग कर रहे थे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए हटिया DSP नीरज कुमार, धुर्वा और अरगोड़ा थाना प्रभारी समेत कई थानों का पुलिस बल मौके पर पहुंचा। अधिकारियों द्वारा निष्पक्ष कार्रवाई और कानूनी मदद के ठोस आश्वासन के बाद करीब एक घंटे की मशक्कत से प्रदर्शन समाप्त हुआ और यातायात बहाल हो सका।
कार नंबर के आधार पर BNS की धाराओं में FIR दर्ज
हादसे के संबंध में मृतक के बेटे शुभम कुमार के लिखित आवेदन के आधार पर अरगोड़ा थाने में कांड संख्या 257/2026 दर्ज किया गया है। FIR में दुर्घटना में शामिल कार का नंबर JH01FP2542 दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपी चालक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 281 (लापरवाही से वाहन चलाना) और 106 (लापरवाही से मौत) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। इस पूरे मामले की कानूनी जांच का जिम्मा सब-इंस्पेक्टर शुभम कुमार सिंह को सौंपा गया है, जो गाड़ी के मालिक और चालक का पता लगाने में जुटे हैं।
पुंदाग TOP में बदसलूकी का आरोप, जांच के बाद साफ होगी तस्वीर
हादसे का कानूनी पहलू अभी सुलझ भी नहीं पाया था कि पीड़ित परिवार के साथ थाने में हुई कथित अभद्रता ने मामले को और तूल दे दिया। परिजनों का कहना है कि दुर्घटनाग्रस्त कार की पहचान और कानूनी प्रक्रिया के सिलसिले में उन्हें पुंदाग टीओपी (TOP) बुलाया गया था। आरोप है कि वहां मौजूद पुलिसकर्मी संजीव कुमार और मिथुन शाह ने उनके साथ बेहद रूखा व्यवहार किया, गाली-गलौज की और मारपीट पर उतारू हो गए। इस बर्ताव से आहत परिवार ने अब अरगोड़ा थाने में दोनों कर्मियों के खिलाफ लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की गुहार लगाई है।
वहीं, पुंदाग TOP प्रभारी ने परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों को पूरी तरह गलत और बेबुनियाद बताया है। उनका कहना है कि TOP में इस तरह की कोई घटना नहीं हुई है।
TOP प्रभारी ने आरोपों से साफ इनकार करते हुए कहा कि ‘ऐसा कुछ नहीं हुआ है। आरोप गलत लगाए जा रहे हैं। जांच में सच सामने आएगा।’
हालांकि पुलिस के वरीय अधिकारियों की ओर से अभी इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन परिजनों की शिकायत के बाद विभागीय स्तर पर इस बात की जांच की जा रही है कि पुंदाग TOP में आखिर उस वक्त क्या परिस्थितियां बनी थीं।


